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Saturday, 25 April, 2026
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म्यूचुअल फंड कंपनियों में सिल्वर ईटीएफ लाने की होड़, 1,400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटाईं

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नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) म्युचुअल फंड कंपनियों ने इस साल सिल्वर ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) श्रेणी में कई नई कोष पेशकशें की हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा 2021 में पेश किए गए नव-सृजित परिसंपत्ति वर्ग की शुरुआत के बाद से म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इसके जरिये 1,400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटाई हैं।

सेबी के पास उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, कोटक एसेट मैनेजमेंट कंपनी सहित म्यूचुअल फंड कंपनियों ने निवेशकों के लिए सिल्वर ईटीएफ के साथ-साथ सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स के लिए बाजार नियामक के पास दस्तावेजों का मसौदा जमा कराया है।

ये एनएफओ (नई कोष पेशकश) निवेशकों को डिजिटल तरीके से निवेश करने और चांदी का स्वामित्व रखने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, अबतक आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और निप्पन इंडिया म्यूचुअल फंड ने सिल्वर ईटीएफ शुरू किया है। इसके अलावा, इन परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों में से प्रत्येक के पास सिल्वर फंड ऑफ फंड (एफओएफ) है, जो अपने संबंधित ईटीएफ में निवेश करता है।

इनके अलावा, डीएसपी म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सिल्वर ईटीएफ के एनएफओ इस महीने बंद हुए हैं, जबकि एडलवाइस गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ एफओएफ वर्तमान में निवेशकों के लिए खुले हैं।

मॉर्निंगस्टार इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, उद्योग जुलाई के अंत तक सिल्वर ईटीएफ के जरिये पहले ही 1,400 करोड़ रुपये की संपत्तियां जुटा चुका है।

नवंबर, 2021 में सेबी के सिल्वर ईटीएफ की अनुमति देने के बाद से संपत्ति प्रबंधन कंपनियों में इसे लाने की होड़ मची है।

मॉर्निंगस्टार इंडिया की वरिष्ठ विश्लेषक-प्रबंधक शोध कविता कृष्णन ने कहा, ‘‘सेबी के कदम ने म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए सिल्वर ईटीएफ का रास्ता खोल दिया है। बहुत से निवेशक चांदी को महंगाई के खिलाफ ‘हेजिंग’ के लिए इस्तेमाल करते रहे है। ऐसे में इससे उन्हें भौतिक रूप से चांदी रखने के बजाय फॉर्म या कोष के रूप में इसे रखने का विकल्प मिला है।

एडलवाइस एएमसी की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी राधिका गुप्ता ने कहा, ‘‘हाल के समय में चांदी का प्रदर्शन कमजोर रहा है। इसकी वजह से एएमसी सिल्वर ईटीएफ और एफओएफ ला रही हैं क्योंकि यह संभवत: बहुमूल्य धातु में निवेश के लिए उचित समय है।’’

कृष्णन ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, सौर और 5जी जैसे नए युग के उद्योगों में चांदी की भारी मांग है। इस वजह से भी निवेशक चांदी में निवेश को लेकर अधिक जागरूक हुए हैं।

भाषा अजय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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