पटना, 13 जनवरी (भाषा) केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने मंगलवार को कहा कि देश में हो रही तीव्र आर्थिक वृद्धि के साथ यह हमारा दायित्व है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जाए और उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि अब उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा आधुनिक तकनीक के माध्यम से भी की जा रही है।
खरे ने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में मंत्रालय लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 शुरू किया गया है, जिसकी मदद से पिछले वर्ष आठ महीनों के भीतर लगभग 45 करोड़ रुपये का रिफंड उपभोक्ताओं को दिलाया गया।
उन्होंने बताया कि पहले उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान में औसतन 67 दिन लगते थे, लेकिन अब यह समय घटकर 21 दिन रह गया है। ‘ई-जागृति’ के माध्यम से उपभोक्ता आयोग में भी तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया गया है, जो भविष्य में एक मील का पत्थर साबित होगा।
खरे ने पूर्वी राज्यों में उपभोक्ता संरक्षण पर आयोजित एक कार्यशाला में अपने संबोधन में यह भी कहा कि देश में दलहन की खपत बढ़ रही है और बिहार में दलहन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किए जाने की जरूरत है।
कार्यशाला में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि हमें आम आदमी और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर काम करना होगा। उपभोक्ताओं को त्वरित और पारदर्शी न्याय मिले, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार के सभी विभाग एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं। ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से जिस तरह शिकायतों का निपटारा किया गया है, वह सराहनीय है।
कार्यक्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह और भारत सरकार में उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्र समेत अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
भाषा कैलाश नोमान रमण
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