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Friday, 1 May, 2026
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मिस्त्री के निधन से पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट की अहमियत उजागर

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नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) सड़क हादसे का शिकार हुए उद्योगपति साइरस मिस्त्री रविवार को मर्सिडीज बेंज की जिस लग्जरी एसयूवी में सफर कर रहे थे वह यात्रियों को सुरक्षित रखने वाली तमाम सुरक्षा खूबियों से लैस थी लेकिन पिछली सीट पर बैठे मिस्त्री का सीट बेल्ट नहीं पहनना उनके लिए जानलेवा साबित हो गया।

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन मिस्त्री की मर्सिडीज बेंज जीएलसी 220डी एसयूवी महाराष्ट्र के पालघर में सड़क के बीच में बने डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में एसयूवी की पिछली सीट पर बैठे मिस्त्री और उनके एक दोस्त की मृत्यु हो गई। वहीं कार की अगली दोनों सीटों पर बैठे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटनाग्रस्त मर्सिडीज जीएलसी 220डी कार में तमाम सुरक्षा खूबियां मौजूद थीं जिनमें सात एयरबैग भी शामिल हैं। लेकिन उसमें पिछली सीट पर बैठने वाले यात्रियों को सामने से सुरक्षा देने वाला एयरबैग नहीं था। उसमें पीछे की तरफ सिर्फ साइड एयरबैग ही मौजूद थे।

हालांकि, किसी भी वाहन में लगे एयरबैग असल में पूरक प्रतिरोध प्रणाली (एसआरएस) ही होते हैं। प्राथमिक प्रतिरोध प्रणाली का काम तो सीट बेल्ट ही करती है।

ऐसी स्थिति में अगली सीट पर बैठने वाले यात्रियों की तरह पिछली सीट पर मौजूद यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट पहनना काफी अहम हो जाता है। वाहन उद्योग के जानकारों का कहना है कि पिछली सीट वाले यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना बहुत जरूरी है, भले ही वे तमाम सुरक्षा खूबियों से लैस महंगी कार में ही क्यों न बैठे हों।

ऐसा लगता है कि कार की पिछली सीट पर बैठे मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। ऐसे में जब तेज रफ्तार कार की डिवाइडर से टक्कर हुई तो उनका शरीर कार के अगले हिस्से की तरफ बहुत तेजी से उछल गया।

पुलिस की शुरुआती जांच में भी कुछ इसी तरह के संकेत मिले हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कार की तेज रफ्तार और चालक के गलत अनुमान लगाने की वजह से यह हादसा हुआ।

घटनास्थल पर पहुंचने वाले अधिकारियों का कहना है कि कार की पिछली सीट पर बैठने वाले दोनों लोगों- मिस्त्री और जहांगीर पंडोले ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। इसके अलावा हादसे के समय उनकी कार की रफ्तार भी बहुत अधिक थी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार की तेज रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पालघर जिले का चरोटी पुलिस नाका पार करने के बाद अगले 20 किलोमीटर का सफर उसने सिर्फ नौ मिनट में ही तय कर लिया था।

सूर्या नदी पर बने पुल पर यह तेज रफ्तार कार डिवाइडर से जाकर टकरा गई। इस भीषण हादसे में मिस्त्री और पंडोले की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहीं डॉक्टर अनाहिता पंडोले और उनके बगल वाली सीट पर बैठे उनके पति बुरी तरह घायल हो गए।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस हादसे के बाद सीट बेल्ट पहनने की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, ‘‘मैं कार की पिछली सीट पर बैठते समय भी सीट बेल्ट पहनने की शपथ लेता हूं। मैं आप सब लोगों से भी यह शपथ लेने का अनुरोध करता हूं। हम सबको अपने परिवार की फिक्र करनी है।’’

मर्सिडीज के इस मॉडल का नवीनतम संस्करण की कीमत 68 लाख रुपये से अधिक है। इसमें एक ‘‘प्री-सेफ सिस्टम’ मौजूद है जिसमें आगे की सीट बेल्ट किसी खतरे की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक ढंग से सक्रिय होकर तन जाती है। कंपनी की वेबसाइट कहती है कि यह प्रणाली किसी हादसे की स्थिति में यात्री को आगे की तरफ झटका लगने से रोकने का काम करती है।

इसके अलावा मर्सिडीज के इस एसयूवी मॉडल में घुटनों को सुरक्षा देने के लिए नीबैग भी लगे हुए हैं। आमने-सामने की टक्कर में यह यात्रियों के घुटनों को डैशबोर्ड से जाकर टकराने से बचाने का काम करते हैं। इसके अलावा इसमें टायरों के दबाव पर नजर रखने वाली प्रणाली भी मौजूद है जो हवा का दबाव कम होने की स्थिति में चेतावनी देने लगती है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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