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Wednesday, 4 February, 2026
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सात-आठ प्रतिशत की वृद्धि दर को कायम रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: सीतारमण

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नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सात से आठ प्रतिशत की वृद्धि दर को कायम रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, क्योंकि इससे सभी नागरिकों को फायदा होता है और रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होते हैं।

रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों के कॉलेज से आए विद्यार्थियों के साथ संवाद में सीतारमण ने कहा कि अगर आर्थिक वृद्धि की रफ्तार अच्छी होगी, तो इसका फायदा सभी नागरिकों तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘और इसीलिए आर्थिक वृद्धि हमारी पहली प्राथमिकता है। हमें इसे उस स्तर पर बनाए रखना है। दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहने के लिए हमें सात प्रतिशत, आठ प्रतिशत वृद्धि के स्तर पर रहने की जरूरत है। इसलिए मैं जो कुछ भी करूंगी, वह इस वृद्धि को बनाए रखने के लिए होगा।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक वृद्धि से नौकरियां पैदा होती हैं, ज्यादा लोग श्रमबल से जुड़ते हैं और उत्पादकता बढ़ती है।

सीतारमण ने आगे कहा कि नियोक्ता महिलाओं की दक्षता और सटीकता से काम करने की प्रतिभा के कारण श्रमबल में उनके योगदान को तेजी से पहचान रहे हैं। अर्द्धकुशल भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती संख्या से इसका पता चलता है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि निदेशक मंडल में महिलाओं के सीमित प्रतिनिधित्व को लेकर चिंता बनी हुई है, और ज्यादा महिलाओं को नेतृत्व के पदों पर आगे आने की ज़रूरत है ताकि फैसले लेने में उनकी भूमिका हो और वे दूसरों के लिए रोल मॉडल बन सकें।

उन्होंने कहा कि प्रगति हुई है, लेकिन अभी और बहुत कुछ करने की जरूरत है।

वित्त मंत्री ने छात्र-छात्राओं को बताया कि पिछले बजट के बाद से, सरकार ने ‘ऑरेंज’ इकॉनमी (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स क्षेत्र) के लिए लगातार नीतियां, वित्तपोषण और समर्थन सुनिश्चित किया है।

उन्होंने कह कि आज का टेलीविज़न मीडिया भी ऐसी रचनात्मक सामग्री पर निर्भर करता है। यह कई अवसरों वाला एक शानदार क्षेत्र है। उन्होंने कहा, ‘‘रचनात्मकता को हर दिन चुनौती मिलती है, और अगर आपमें काबिलियत है, तो यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आगे बढ़ना चाहिए।’’

वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को बजट तैयार करने में शामिल कदमों के बारे में भी बताया।

उन्होंने कहा कि बजट की तैयारी अक्टूबर के आखिर या नवंबर में शुरू होती है, जिसमें उद्योग समूह, कारोबार क्षेत्र, अर्थशास्त्री, ट्रेड यूनियन के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिये आम लोगों के सुझाव भी शामिल होते हैं।

उन्होंने बताया कि इसके बाद इन सुझावों को छांटा जाता है, संबंधित मंत्रालयों और राज्यों के साथ चर्चा की जाती है, और व्यवहार्यता और कार्यान्वयन के लिए उन्हें बेहतर बनाया जाता है। सीतारमण ने कहा कि कई समीक्षाओं के बाद बजट भाषण को अंतिम रूप दिया जाता है।

भाषा अजय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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