कटनी, 24 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य के कटनी जिले में आयोजित खनन सम्मेलन 2.0 के दौरान राज्य को आठ खनन कंपनियों से 56,414 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले।
उन्होंने शनिवार को सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों के मामले में कभी पीछे नहीं रहा और अब देश के खनन राज्य के रूप में खुद को विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से राज्य में उद्योग स्थापित करने का आग्रह किया और सरकार की ओर से उन्हें पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
यादव ने कहा कि सम्मेलन देश भर के उद्योगपतियों की मध्यप्रदेश में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्ताव राज्य को खनन क्षेत्र में और प्रगति करने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, प्रसंस्करण और विकास के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
खनन क्षेत्र में कृत्रिम मेधा (एआई), ब्लॉकचेन और रिमोट सेंसिंग के उपयोग के लिए टेक्समिन आईएसएम, धनबाद के साथ एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईसर), भोपाल के साथ भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
यादव ने कहा कि कटनी खनिज भंडारों से समृद्ध है और महत्वपूर्ण खनिजों की भी खोज हो रही है। पन्ना में हीरे के भंडार हैं और कटनी में सोने की भी संभावना है। राज्य ने सभी क्षेत्रों के विकास के लिए पारदर्शी नीतियों को लागू किया है।
महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति देने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन किया गया है। अन्य राज्य मध्यप्रदेश की नीतियों से सीख रहे हैं और सरकार राज्य को देश में नंबर एक बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने व्यापार सुगमता के लिए 29 प्रकार की अनुमतियों को घटाकर केवल 10 कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 27 अगस्त को उज्जैन में एक आध्यात्मिक सम्मेलन और 31 अगस्त को ग्वालियर में एक पर्यटन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।
भाषा सं दिमो
शफीक रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.