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Saturday, 14 March, 2026
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श्रम मंत्रालय ने पेशा वर्गीकरण पर आईएलओ के साथ किया प्रारंभिक समझौता

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नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) सरकार ने ‘कौशल एवं योग्यता के आधार पर विभिन्न पेशों के वर्गीकरण संबंधी मानक’ विकसित करने और युवाओं को वैश्विक रोजगार अवसरों का लाभ दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के साथ एक समझौता किया है। श्रम मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के अवसर पर श्रम, रोजगार एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया भी ऑनलाइन माध्यम से मौजूद रहे।

मंत्रालय ने कहा कि कई देशों में जनसांख्यिकीय अंतर और डिजिटलीकरण के कारण महत्वपूर्ण कौशल का अभाव देखा जा रहा है। इस खाई को पाटने के लिए जी-20 समूह के नेताओं ने 2023 में भारत के अध्यक्ष रहते समय कौशल-आधारित और सुव्यवस्थित श्रम प्रवासन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया था।

इस अवसर पर मांडविया ने कहा कि भारत और आईएलओ की यह साझेदारी तेजी से बदलते कार्यक्षेत्र में भविष्य के काम को आकार देने के लिए साझा प्रतिबद्धता दर्शाती है।

उन्होंने कहा, “पेशों के अंतरराष्ट्रीय संदर्भ वर्गीकरण’ से आंकड़ों की तुलना बेहतर होगी और कौशल की पारस्परिक मान्यता को बढ़ावा मिलेगा।”

आईएलओ के महासचिव गिल्बर्ट एफ हॉंगबो ने कहा कि यह एमओयू दुनिया भर के देशों पर दूरगामी प्रभाव डालेगा और भारत के श्रम गतिशीलता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुरनानी ने बताया कि यह समझौता सहज क्षेत्र, डिजिटल क्षेत्र और देखभाल क्षेत्र में पायलट अध्ययन और परीक्षण करने का ढांचा उपलब्ध कराता है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से भारत का युवा वैश्विक रोजगार अवसरों के लिए बेहतर तैयार होगा और कौशल मानकों में अंतरराष्ट्रीय सामंजस्य स्थापित होगा।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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