नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नागरिकों को कुछ फर्जी प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) मंचों के प्रति बुधवार को आगाह करते हुए कहा कि ये मंच सरकार का उपक्रम होने का झूठा दावा कर रहे हैं।
श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘‘ मंत्रालय इन वेबसाइट या उनकी गतिविधियों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार करता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी वेबसाइट के साथ कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, न उनसे जुड़ें या न उनके माध्यम से कोई भुगतान करें।’’
इसमें कहा गया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि कुछ वेबसाइट भारत सरकार के उपक्रम होने का झूठा दावा कर रही हैं। कथित तौर पर मंत्रालय के नाम से अखिल भारतीय स्थानों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना मंच, इस योजना के तहत पंजीकरण की सुविधा प्रदान करता है। इसे अगस्त में जारी किया गया था। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में की थी।
मंत्रालय ने कहा कि योजना के तहत प्रामाणिक जानकारी एवं सेवाओं के लिए, नियोक्ता प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना मंच पीएमवीबीआरवाईडॉटईपीएफआईएनडीआईएडॉटजीओवीडॉटआईएन या पीएमवीबीआरवाईडॉटएलएबीओयूआरडॉटआईएन पर जा सकते हैं।
मंत्रालय ने सभी नागरिकों, नियोक्ताओं एवं हितधारकों को धोखाधड़ी वाली वेबसाइट और झूठे भर्ती दावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
भाषा निहारिका अजय
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