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Friday, 13 March, 2026
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कश्मीरी सेब उत्पादकों, व्यापारियों ने जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बंद होने का विरोध किया

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श्रीनगर, 15 सितंबर (भाषा) कश्मीर में सेब उत्पादकों और व्यापारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने और इस मामले में ‘सरकार की निष्क्रियता’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की यह उपज खराब होने का खतरा है।

फलों के कारोबार से जुड़े लोगों ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर कस्बे और कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में विरोध प्रदर्शन किया।

पिछले चार सप्ताह से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकांश हिस्सों में बंद रहने के कारण घाटी भर की फल मंडियों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए दो दिन के बंद का आह्वान किया था।

कुलगाम में, सेब किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ज़हूर अहमद ने सरकार से सेब से लदे वाहनों के परिवहन की व्यवस्था करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि एक सुव्यवस्थित और कुशल प्रणाली देरी और वित्तीय नुकसान को रोकेगी।

अहमद ने कहा कि बागवानी कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘परिवहन समस्या के कारण हमें करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। सेब एक जल्दी खराब होने वाला फल है और इसकी गुणवत्ता बनाए रखने और उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए समय पर डिलिवरी बेहद ज़रूरी है।’’

इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कश्मीर से दिल्ली सेब परिवहन के लिए एक कार्गो पार्सल ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया।

नौगाम में पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए, सिन्हा ने कहा कि यह सेवा प्रतिदिन 23-24 टन सेब दिल्ली ले जाएगी।

इस बीच, कश्मीर घाटी फल उत्पादक-सह-विक्रेता संघ के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से मुलाकात की।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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