(अदिति खन्ना)
लंदन, 22 अक्टूबर (भाषा) टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लक्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) पर हाल में हुए साइबर हमले को ब्रिटेन का अब तक का सबसे नुकसानदेह साइबर हादसा माना जा रहा है। इस हमले से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को करीब 1.9 अरब पाउंड का नुकसान हुआ जबकि 5,000 से अधिक व्यवसाय प्रभावित हुए थे।
ब्रिटेन में साइबर घटनाओं का स्वतंत्र मूल्यांकन करने वाले साइबर मॉनिटरिंग सेंटर (सीएमसी) ने जेएलआर साइबर हमले को तीसरे दर्जे की प्रणालीगत घटना के रूप में वर्णित किया है। सीएमसी पांच अंक के पैमाने पर साइबर हमलों को परखती है।
सीएमसी का कहना है कि इस हमले ने जेएलआर के विनिर्माण, आपूर्ति शृंखला और वितरक नेटवर्क में भारी व्यवधान पैदा किया।
जगुआर लैंड रोवर के उत्पादन संयंत्र पर हमला अगस्त के अंत में हुआ था और सितंबर के पूरे महीने में उत्पादन बंद रहा।
जेएलआर ने सीएमसी के इस दावे पर कोई सीधी प्रतिक्रिया न करते हुए कहा कि वह चरणबद्ध तरीके से इसके संचालन को बहाल कर रही है।
सीएमसी ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे मूल्यांकन मॉडल से यह अनुमान लगता है कि इस हमले से जेएलआर को 1.6 अरब से 2.1 अरब पाउंड तक का नुकसान हुआ है। लेकिन यदि उत्पादन बहाली में ज्यादा देरी होती है या तकनीकी प्रणाली पर इस हमले का गहरा असर पड़ा है, तो यह नुकसान और भी बढ़ सकता है।’’
इसके अलावा हमले का असर कंपनी के कर्मचारियों और कलपुर्जों की आपूर्ति करने वाली इकाइयों पर भी पड़ा है। कई आपूर्तिकर्ताओं ने तनख्वाह कम करने, काम के घंटे घटाने और कर्मचारियों को नौकरी से हटाने जैसे कदम उठाए।
सीएमसी ने आशंका जताई है कि इन गतिविधियों से मानसिक और सामाजिक प्रभाव भी हो सकते हैं। उसने कहा कि यह विश्लेषण वित्तीय नुकसान के साथ साइबर हमले के समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को भी उजागर करता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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