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लखनऊ, 23 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सिंगापुर यात्रा के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंगापुर दौरे के पहले दिन आधिकारिक बैठकों और निवेशकों के साथ संवाद के बीच कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। पहले दिन कुल 19,877 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों के समक्ष स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन समझौता ज्ञापन में एक बड़ा प्रस्ताव यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप की ओर से आया, जिसने ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में 6,650 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। इसी क्रम में गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए आठ हजार करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की।
इसी तरह, प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (पीआईडीजी) ने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और कृषि सह सौर (एग्री-पीवी) परियोजनाओं में 2,500 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता ज्ञापन किया। इसके अतिरिक्त एवीपीएन लिमिटेड ने भी नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में 2,727 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। इन पहल से उत्तर प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।
इसके पहले जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए 8,000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की।
बैठक में प्रदेश में हरित एवं सतत निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ।
बयान के अनुसार, भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में छत पर लगने वाली सौर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज एवं ग्रिड को समर्थन देने वाले समाधान, ईवी चार्जिंग ढांचा और स्वच्छ ऊर्जा संचालित हरित औद्योगिक पार्क के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए जलवायु वित्तपोषण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ एवं व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल को लेकर प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक परिवेश और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श माहौल प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया।
एक अन्य बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री सोमवार को सिंगापुर यात्रा के पहले दिन आईटीई कॉलेज सेंट्रल में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साक्षी बने।
यह पहल उत्तर प्रदेश के तेजी से विस्तारित हो रहे बुनियादी ढांचे और रोजगार तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बयान के मुताबिक, अपने सिंगापुर यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर और वैमानिकी केंद्र का निरीक्षण किया तथा उद्योगों के साथ एकीकृत प्रशिक्षण के वैश्विक मॉडल को देखा। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ विस्तृत बैठक की।
भाषा आनन्द निहारिका
अजय
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