नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) सरकार ने वैश्विक इंटरनेट निकाय आईकैन से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आपातकालीन मामलों में वेबसाइट मालिकों या डोमेन पंजीकरण कराने वालों का विवरण 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के लिए कहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुशील पाल ने यहां ‘इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम 2025’ के सम्मेलन में कहा कि सरकार ने देश में चल रहे पायलट कार्यक्रम के तहत सभी डोमेन रजिस्ट्रारों के लिए पंजीकरण विवरण साझा करना अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव दिया है।
पाल ने कहा कि फिलहाल कोई भी व्यक्ति वेबसाइट डोमेन बुक कर 15 दिनों के भीतर अपने दस्तावेज जमा कर सकता है। लेकिन इतना समय डोमेन के दुरुपयोग एवं अपराधियों के गायब होने के लिए पर्याप्त है।
उन्होंने बताया कि ‘इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइंड नेम्स एंड नंबर्स’ (आईकैन) की सरकारी मंत्रणा समिति का सदस्य होने के नाते भारत डोमेन धारक की पहचान संबंधी विवरण के शीघ्र खुलासे पर लगातार जोर दे रहा है।
कई वेबसाइट मालिक अपनी निजी जानकारी छिपाने के लिए सेवा प्रदाताओं को अतिरिक्त शुल्क देते हैं, जिससे जांच प्रभावित होती है।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत में व्यापक इंटरनेट उपयोग के कारण साइबर खतरे बढ़ रहे हैं और सरकार सभी हितधारकों से सुरक्षित साइबर क्षेत्र सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील करती है।
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