नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी पूंजी प्रवाह घटने के बावजूद वर्ष 2025 के दौरान भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश 29 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 8.47 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कोलियर्स इंडिया ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
रियल एस्टेट सलाहकार कोलियर्स इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, रियल एस्टेट क्षेत्र में संस्थागत निवेश वर्ष 2025 के दौरान 8.47 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो अब तक का उच्चतम स्तर है जबकि वर्ष 2024 में यह 6.56 अरब डॉलर था।
वर्ष 2025 में इस क्षेत्र में घरेलू निवेश दोगुने से अधिक बढ़कर 4.82 अरब डॉलर हो गया जो एक साल पहले 2.24 अरब डॉलर था।
हालांकि, इस अवधि में विदेशी निवेश 16 प्रतिशत घटकर 3.65 अरब डॉलर रह गया, जबकि 2024 में यह 4.32 अरब डॉलर था।
कोलियर्स के मुताबिक, संस्थागत निवेश में पारिवारिक कार्यालय, विदेशी कॉरपोरेट समूह, विदेशी बैंक, पेंशन कोष, निजी इक्विटी, रियल एस्टेट कोष-सह-डेवलपर, विदेशी वित्तपोषण वाली एनबीएफसी, सूचीबद्ध रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) और सरकारी संपत्ति कोष शामिल हैं।
इस रिपोर्ट के आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर संकलित किए गए हैं।
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक बादल याज्ञिक ने कहा, ‘2025 के दौरान कार्यालय संपत्तियों में कुल निवेश का 54 प्रतिशत आया। इसके बाद आवासीय और औद्योगिक एवं गोदाम परिसंपत्तियों का स्थान रहा।’
उन्होंने कहा कि आगे चलकर संस्थागत निवेश और मजबूत होने की उम्मीद है, जिसे बढ़ती घरेलू पूंजी, वैश्विक स्तर पर जोखिम उठाने की बेहतर धारणा और भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद का समर्थन मिलेगा।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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