नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती हुई प्रकृति से तालमेल बिठाने वाले उसके कोटा सुधारों की दिशा में शुरुआती प्रगति अच्छी रही है।
आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक एंतोइने सायेह ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की कोटा प्रणाली में नए सुधारों की दिशा में प्रयास जारी हैं। मुद्राकोष की कोटा प्रणाली की 16वीं समीक्षा का काम 15 दिसंबर, 2023 तक पूरा किया जाना है।
उन्होंने कहा, ‘कोटा प्रणाली की पिछली समीक्षा के अपने अनुभव से हमें पता है कि नई समीक्षा के नतीजों को लेकर देशों का नजरिया काफी अलग रहने वाला है। हम उनके साथ मिलकर एक साझा जमीन तलाशने की कोशिश में हैं ताकि इस समीक्षा के प्रति नजरिये को सुनिश्चित किया जा सके।’
आईएमएफ में मतदान और अंशदान के अलावा ऋण आवंटन का भी निर्धारण इसके सदस्य देशों को निर्धारित कोटा के आधार पर ही किया जाता है। विश्व अर्थव्यवस्था में किसी देश के अंशदान को आधार बनाते हुए यह कोटा तय किया जाता है। इसकी समय-समय पर समीक्षा भी होती रहती है। पिछली समीक्षा की अनुशंसाओं को जनवरी 2016 में लागू किया गया था।
आईएमएफ की कोटा हिस्सेदारी में किसी भी बदलाव का नतीजा उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मतदान अधिकार में बढ़ोतरी के रूप में सामने आ सकता है। इसकी वजह यह है कि विश्व अर्थव्यवस्था में उभरती अर्थव्यवस्थाओं का अंशदान तुलनात्मक रूप से बढ़ा है।
सायेह ने कोटा प्रणाली की ताजा समीक्षा के दौरान अब तक हुई प्रगति को बढ़िया बताते हुए कहा, ‘देशों को वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती प्रकृति और सदस्य देशों की तरफ से किए जा रहे अंशदान के बारे में बखूबी अंदाजा है। जरूरत है कि हम अपनी संरचना का उन बदलावों से तालमेल बिठाएं। हालांकि इस दिशा में प्रगति हुई है लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना है।’
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
