मुंबई, 26 नवंबर (भाषा) उद्योगपति जमशेद गोदरेज ने बुधवार को कहा कि उद्योग तभी निवेश करेगा जब उसे मांग दिखेगी और उन्होंने अर्थव्यवस्था में मांग पैदा करने के उपायों पर जोर दिया।
गोदरेज ने कहा कि उपक्रमों को कारोबार सुगमता के मोर्चे पर भी कई उपायों की जरूरत है।
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब सुस्त निजी पूंजी व्यय के बारे में व्यापक चिंताएं हैं, जो अर्थव्यवस्था में विकास के एक अच्छे चक्र को शुरू कर सकता है।
गोदरेज ने यहां उद्योग मंडल सीआईआई के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से अलग से बातचीत में कहा, ‘‘चाहे वह निजी हो या सार्वजनिक निवेश, यह सब मांग से प्रेरित होता है। अगर मांग है, तो हर कोई निवेश करेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि मांग पैदा की जाए।’’
उन्होंने हाल ही में किए गए जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने और व्यापार करने की आसानी की पहल जैसे और अधिक सुधार उपायों की भी मांग की।
छोटे उद्यमों पर श्रम संहिता के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर गोदरेज ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र पर विनियमन का अत्यधिक बोझ है और हमें बोझ को कम करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उद्योग सचिव पी. अंबालागन ने कहा कि राज्य की नई विनिर्माण नीति का लक्ष्य विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में 850 अरब डॉलर का निवेश हासिल करना है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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