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Friday, 10 April, 2026
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भारतीय प्रौद्योगिकी स्टार्टअप का वित्तपोषण 18 प्रतिशत घटकर 11.7 अरब डॉलर पर: रिपोर्ट

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नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनियों का कुल वित्तपोषण 18 प्रतिशत घटकर 11.7 अरब डॉलर रह गया जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में इन कंपनियों ने 14.3 अरब डॉलर जुटाए थे। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

बाजार के आंकड़ों पर नजर रखने वाली संस्था ‘ट्रैक्सन’ की रिपोर्ट कहती है कि 2025-26 में प्रौद्योगिकी स्टार्टअप का वित्तपोषण कम होने के बावजूद वैश्विक स्तर पर निवेश जुटाने के मामले में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद चौथे स्थान पर बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नए विचारों पर काम शुरू करने के लिए मिलने वाले निवेश यानी ‘सीड फंडिंग’ में 15 प्रतिशत की कमी आई है और यह घटकर 1.3 अरब डॉलर रह गया। वित्त वर्ष 2024-25 में इन कंपनियों ने 1.5 अरब डॉलर जुटाए थे।

हालांकि कारोबार के विस्तार की योजना बना रहे शुरुआती चरण के स्टार्टअप के निवेश में तेजी देखी गई और यह पिछले वित्त वर्ष में 33 प्रतिशत बढ़कर 4.8 अरब डॉलर पहुंच गया। इन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में 3.6 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 2023-24 में 3.5 अरब डॉलर जुटाए थे।

रिपोर्ट कहती है कि बड़े स्तर पर स्थापित हो चुके स्टार्टअप ने वित्त वर्ष 2025-26 में 5.6 अरब डॉलर जुटाए, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 9.2 अरब डॉलर के मुकाबले 38 प्रतिशत कम है। हालांकि, यह वित्त वर्ष 2023-24 में जुटाए गए 4.7 अरब डॉलर से 18 प्रतिशत अधिक है।

क्षेत्रवार प्रदर्शन में वित्तीय प्रौद्योगिकी यानी ‘फिनटेक’ और खुदरा व्यापार क्षेत्र निवेश पाने में सबसे आगे रहे।

भाषा सुमित प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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