कोलकाता, एक सितंबर (भाषा) भारत के चाय उद्योग ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उस देश को होने वाले पेय पदार्थ के निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है।
प्रमुख उद्योग निकाय भारतीय चाय संघ (आईटीए) ने कहा कि अमेरिका भारतीय चाय के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है।
उद्योग निकाय के अनुसार, वर्ष 2024 में, अमेरिका ने भारत से 1.7 करोड़ किलोग्राम चाय का आयात किया था, जबकि इस साल मई तक अमेरिका को 62.6 लाख किलोग्राम चाय का निर्यात किया गया था।
रूसी तेल की खरीद के लिए भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क 27 अगस्त से लागू हो गया। इससे भारत पर लगाया गया कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया।
चाय उद्योग संघ ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर हाल ही में लगाया गया 50 प्रतिशत शुल्क ‘‘अमेरिका को इस पेय पदार्थ के निर्यात के लिए एक सीमित करने वाला कारक’’ साबित होगा।
एसोसिएशन ने कहा कि चाय की कीमतों में लगातार गिरावट, आयात में वृद्धि और निर्यात बाजार में अस्थिरता पश्चिम बंगाल और असम के चाय उद्योग के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा कर रही है।
आईटीए ने उद्योग के हितों की रक्षा और इसकी दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चाय के लिए न्यूनतम स्थायी मूल्य (एमएसपी) लागू करने की अपनी मांग दोहरायी है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि इस किस्म की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए पारंपरिक चाय उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने निम्न-गुणवत्ता वाली चाय के आयात पर रोक लगाने और भारत-नेपाल संधि जैसे व्यापार समझौतों में संशोधन का भी आह्वान किया है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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