नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) गैर-सरकारी संगठन और पाइप बिछाने तथा नल आदि लगाने से जुड़े पेशेवरों का संगठन ‘इंडियन प्लमबिंग एसोसिएशन (आईपीए)’ ने जल संरक्षण के लिए रूपरेखा तैयार करने तथा प्राकृतिक संसाधन की बरबादी रोकने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) के साथ समझौता किया है।
उद्योग संगठन ने एक बयान में कहा कि विभिन्न उपायों के जरिए पानी की बरबादी को पूरी तरह से रोकने के लिए उसने सिंगापुर प्लमबिंग सोसाइटी (एसपीएस) के साथ भी एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किये हैं।
आईपीए के अध्यक्ष गुरमीत सिंह अरोरा ने कहा कि ऐसे समय जब दुनिया जलवायु परिवर्तन के संकट से जूझ रही है तब अनुपयोगी जल के पुनर्चक्रण के बारे में जागरूकता लाने की जरूरत है।
संगठन के मुताबिक भारत में प्रत्येक दिन औसतन 12.5 करोड़ लीटर जल बरबाद हो जाता है।
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मानसी रमण
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