मुंबई, 21 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के ‘निम्न वृद्धि के साथ उच्च मुद्रास्फीति’ के ‘भंवर’ में फंसने की कोई आशंका नहीं है और खुदरा मुद्रास्फीति के भी आगे चलकर नीचे आने की उम्मीद है।
दास ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था में ‘गतिहीन मुद्रास्फीति’ की स्थिति पैदा होने की कोई आशंका नहीं है। इस स्थिति में कीमतें काफी बढ़ जाती हैं लेकिन अर्थव्यवस्था सुस्त हो जाती है। इसके अलावा इसमें बेरोजगारी दर भी काफी अधिक रहती है।
इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि खुदरा मुद्रास्फीति में आगे चलकर नरमी आएगी। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति के 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़कर 6.07 प्रतिशत पर पहुंच गई है जो कि रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है। इसके पहले जनवरी, 2022 में भी खुदरा मुद्रास्फीति 6.01 प्रतिशत पर रही थी।
दास ने रुपये के भी स्थिर बने रहने की उम्मीद जताई। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में लगातार गिरावट आई है और एक समय तो यह 77.27 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को भी छू गया था।
भाषा
प्रेम अजय
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