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Sunday, 29 March, 2026
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इंडियन बैंक ने ‘विवादित’ चिकित्सा प्रमाणपत्र प्रारूप को वापस लिया

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नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने मंगलवार को कहा कि उसने चिकित्सा प्रमाणपत्र प्रारूप से महिलाओं के गर्भावस्था से जुड़े सवालों को हटा दिया है। दिल्ली महिला आयोग द्वारा इन दिशानिर्देश को ‘भेदभावपूर्ण’ करार देने के एक दिन बाद बैंक ने यह कदम उठाया।

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने महिलाओं की नियुक्ति से जुड़े ‘भेदभावपूर्ण’ दिशानिर्देश को वापस लेने से बैंक के कथित रूप से इनकार के बाद वित्तीय संस्थान को तलब किया था।

डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवल ने इस बारे में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भी पत्र लिखा था और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।

इस बीच, बैंक ने मंगलवार को कहा कि चिकित्सा प्रमाणपत्र महिलाओं समेत सभी उम्मीदवारों से लिये जाते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें उसके हिसाब से उपयुक्त ‘पोस्टिंग’ दी जाए।

बैंक ने बयान में कहा, ‘‘महिला उम्मीदवारों से गर्भावस्था संबंधित ब्योरा लेने का उद्देश्य उम्मीदवारों को उपयुक्त ‘पोस्टिंग’ उपलब्ध कराना था। ताकि वे जरूरत पड़ने पर बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकें।’’

बयान के अनुसार, ‘‘…यह किसी भी तरह से सेवाओं से प्रतिबंधित करने के लिये मानदंड नहीं हैं। हालांकि, अस्पष्टता को दूर करने के लिये, आज हमने चिकित्सा फिटनेस प्रमाणपत्र से महिला उम्मीदवारों से गर्भावस्था तथा अन्य संबंधित ब्योरा मांगने से जुड़े सवालों को वापस ले लिया है।’’

भाषा

रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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