नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से ब्रिटिश बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं और खुदरा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू ब्रांड और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए बड़े अवसर खुले हैं। कोमर्ज लि. ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वैश्विक वितरक कंपनी कोमर्ज लि. के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) सिद्धार्थ शंकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह समझौता कंपनियों के लिए व्यापार, विस्तार और पूंजी प्राप्त करने के तरीके को काफी आसान बना देगा।’
दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर 24 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए थे। इसके अगले वर्ष से लागू होने की संभावना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है, जिसका लक्ष्य 2030 तक व्यापार को दोगुना कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
शंकर ने कहा, ‘यह समझौता न केवल बाजार पहुंच को बढ़ाता है, बल्कि गहन आर्थिक एकीकरण को भी बढ़ावा देता है, संयुक्त उद्यमों और नवाचार को प्रोत्साहित करता है। बदलते व्यापार परिदृश्य में, मुक्त व्यापार समझौता टिकाऊ वृद्धि और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने में रणनीतिक साझेदारियों के महत्व को रेखांकित करता है।’’
शंकर ने कहा कि भारतीय एसएमई के लिए, खासकर उपभोक्ता वस्तुओं, कपड़ा और हल्के विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में, शुल्क में कमी और व्यापार प्रक्रियाओं का सरलीकरण ब्रिटेन के बाजार तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाएगा।
उन्होंने कहा कि यह इन व्यवसायों को न केवल लागत के मामले में, बल्कि गुणवत्ता और नवाचार के मामले में भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ब्रांड और एसएमई के लिए, विशेष रूप से उपभोक्ता वस्तुएं, खुदरा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में, यह समझौता तेज बाजार प्रवेश, बेहतर व्यापार शर्तों और अधिक सीमा-पार सहयोग के द्वार खोलता है।’
भाषा योगेश रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
