लंदन, 16 फरवरी (भाषा) पिछले कुछ वर्षों में कारोबारी माहौल बेहतर करने की दिशा में उठाए गए कदमों का असर बृहस्पतिवार को भारत के गुणवत्तापरक उद्यमशीलता पारिस्थितिकी के मामले में चौथे स्थान पर आने के रूप में सामने आया।
ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप मॉनिटर (जीईएम) की उद्यमशीलता सूचकांक रिपोर्ट में भारत को 51 देशों के बीच चौथे स्थान पर रखा गया है। इस तरह भारत की रैंकिंग में खासा सुधार आया है। वर्ष 2021 में भारत इस सूचकांक में 16वें स्थान पर मौजूद था।
भारत को सूचकांक में 6.1 अंक मिले हैं जो पिछले कुछ वर्षों में कारोबारी माहौल सुधारने की दिशा में किए गए प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। भारत को 2021 में सिर्फ पांच अंक मिले थे जो 2020 के छह अंक की तुलना में काफी कम था।
जीईएम की ग्लोबल रिपोर्ट 2022-23 को सभी 51 अर्थव्यवस्थाओं की परिस्थितियों के आकलन के आधार पर तैयार किया गया है।
जीईएम इंडिया टीम के प्रमुख डॉ सुनील शुक्ला ने कहा कि महामारी के झटकों से अर्थव्यवस्था 2022 में उबरकर सामने आई। इसके साथ ही उन्होंने देश के भीतर नवोन्मेषी एवं प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों के लिए अधिक अनुकूल हालात पैदा होने का जिक्र भी किया।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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