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Saturday, 7 March, 2026
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भारत, न्यूज़ीलैंड ने बागवानी में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की

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नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारत और न्यूज़ीलैंड ने बृहस्पतिवार को बागवानी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की, जिसमें भारतीय बाज़ार में ‘कीवी’ रूटस्टॉक फल का आयात भी शामिल है।

एक सरकारी बयान के अनुसार, भारत और न्यूज़ीलैंड ने बागवानी सहयोग पर साझा कार्यसमूह (जेडब्ल्यूजी) की पहली बैठक बुलाई।

यह 12 मार्च, 2025 को दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए सहमति सहयोग (एमओसी) के तहत एक अहम कदम है।

भारत और न्यूज़ीलैंड की जेडब्ल्यूजी बैठक की सह-अध्यक्षता कृषि विभाग के संयुक्त सचिव (बागवानी) प्रिय रंजन और न्यूज़ीलैंड की तरफ से द्विपक्षीय संबंध एवं व्यापार विभाग के ‘डिविजनल मैनेजर’, स्टीव एन्सवर्थ ने की।

बयान में कहा गया कि बैठक में दोनों तरफ के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ, बागवानी क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आए, जिसमें कीवी फल और पिप फल (सेब और नाशपाती) के विकास पर खास ध्यान दिया गया। रंजन ने बताया कि कीवीफल को भारत के लिए एक प्राथमिक फसल के तौर पर पहचाना गया है।

उन्होंने कीवीफल कार्ययोजना के तहत खास ध्यान क्षेत्र पर बात की, जिसमें उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) बनाना, बेहतर बाग प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाना, अच्छी गुणवत्ता के रूटस्टॉक और पौध सामग्री तक पहुंच, फसल कटाई बाद के प्रबंधन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना शामिल है।

बैठक में न्यूज़ीलैंड से कीवी रूटस्टॉक आयात करने और न्यूज़ीलैंड में भारतीय किसानों और उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के तरीकों पर भी बात हुई।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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