कोच्चि, 23 अगस्त (भाषा) भारत का समुद्री खाद्य उद्योग अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्कों के प्रभाव को कम करने के लिए नए बाजारों की तलाश कर सकता है।
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के चेयरमैन डी वी स्वामी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
स्वामी ने कहा कि देश का समुद्री उत्पाद क्षेत्र संकटों का सामना करते हुए कई बार अपनी स्थिरता और लचीलापन साबित कर चुका है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रूस, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैंड, पश्चिम एशिया और दक्षिण कोरिया को नए प्राथमिक बाजार के रूप में चिह्नित किया है।
स्वामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”इसे हम बाधा नहीं, बल्कि अवसर मानते हैं। हम चुनौतियों से सीखते हैं और हर एक से बेहतर बनते हैं।”
यह बयान एमपीईडीए की 53वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर दिया गया। एमपीईडीए के चेयरमैन ने कहा कि यह क्षेत्र बीते पांच दशकों में बेहद अनुकूलनशील रहा है।
स्वामी ने बाजारों के साथ-साथ समुद्री खाद्य उत्पादों की किस्मों में भी विविधता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय
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