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Sunday, 1 March, 2026
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डब्ल्यूईएफ की 85 करोड़ लोगों को फिर से कुशल बनाने की पहल में भारत शामिल

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(बरुण झा)

दावोस, 23 जनवरी (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने शुक्रवार को कौशल विकास में निवेश करने के लिए एक प्रमुख वैश्विक पहल की घोषणा की, जिससे 85 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।

मंच ने भारत और जॉर्डन में नए कौशल और शिक्षा उत्प्रेरक शुरू करने की भी घोषणा की। इससे 45 राष्ट्रीय उत्प्रेरकों के वैश्विक नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, जिन्होंने कुल 1.48 करोड़ लोगों की मदद की है।

ये प्रोत्साहन रोजगार, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि पर जोर देते हुए सरकार, व्यवसाय और नागरिक समाज को एक साथ लाते हैं।

‘इंडिया एक्सेलरेटर’ समान कौशल प्राप्ति की बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जबकि ‘जॉर्डन एक्सेलरेटर’ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए उभरती तकनीक का लाभ उठाने पर काम करेगा।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि उसकी ‘पुनर्कौशल क्रांति’ पहल दुनिया भर में 85 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचने की राह पर है, जो अंतत: एक अरब लोगों को कौशल, शिक्षा और आर्थिक अवसरों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा।

वैश्विक श्रम बाजारों को कृत्रिम मेधा (एआई), भू-आर्थिक बदलाव और ऊर्जा बदलाव तेजी से नया आकार दे रहे हैं, इसलिए श्रमिकों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना एक तत्काल वैश्विक प्राथमिकता है।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि नई प्रतिबद्धताओं में कॉरपोरेट संकल्प, विश्वविद्यालय-नियोक्ता भागीदारी और राष्ट्रीय कौशल उत्प्रेरक शामिल हैं, जो इस बात पर खासतौर से जोर देंगे कि लोग कार्यबल में कैसे प्रवेश करें, नौकरियों के बीच कैसे बदलाव करें और एआई द्वारा आकार ले रही अर्थव्यवस्था में रोजगार के योग्य कैसे बने रहें।

इस पहल के तहत 25 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने एआई पहुंच, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तलाश के क्षेत्र में 12 करोड़ श्रमिकों की सहायता करने का संकल्प लिया है।

डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी ने कहा, ”वैश्विक अर्थव्यवस्था दशकों में अपने सबसे महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रही है। काम का भविष्य निश्चित नहीं है। श्रमिकों के लिए कैसी स्थितियां बनेंगी, यह सीखने के अवसरों, नौकरी बदलने के लिए समर्थन और उद्यमिता के समर्थन पर निर्भर करता है।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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