नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) भारत अपनी वाणिज्य एवं विनिर्माण गतिविधियों को नए सिरे से व्यवस्थित करने की मंशा रखने वाली कंपनियों के लिए अब सबसे आकर्षक गंतव्य बनकर उभर रहा है। मंगलवार को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड की यह रिपोर्ट कहती है कि सर्वेक्षण में शामिल करीब आधी कंपनियों ने भारत के साथ अपना व्यापार बढ़ाने या बरकरार रखने का इरादा जताया है जबकि दो में से एक कंपनी भारत में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ाने या बनाए रखने की सोच रही है।
खासकर अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और हांगकांग की 60 प्रतिशत से अधिक कंपनियां भारत के साथ अपना व्यापार बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
रिपोर्ट में 17 प्रमुख बाजारों और चार उद्योगों के 1,200 शीर्ष अधिकारियों के विचार शामिल हैं। यह राय आने वाले तीन से पांच वर्षों में वैश्विक व्यापार रणनीतियों पर केंद्रित है।
रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापार शुल्क, उभरती प्रौद्योगिकियां और वैश्विक आर्थिक वृद्धि ऐसे प्रमुख कारक हैं जो वैश्विक व्यापार के भविष्य को प्रभावित करेंगे। करीब 53 प्रतिशत कंपनियों ने इन्हें रणनीतिक रूप से सबसे ऊपर रखा है।
कॉरपोरेट दिग्गजों का मानना है कि आने वाले तीन से पांच वर्षों में एशिया की व्यापार वृद्धि में अग्रणी भूमिका रहेगी जबकि पश्चिम एशिया और अमेरिका भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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