नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) भारत और बहरीन ने सोमवार को एक महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू करने और एक निवेश समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब पहुंचने की घोषणा की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बहरीन के अपने समकक्ष अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अलजयानी के साथ आपसी संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए बातचीत की।
इस दौरान दोनों मंत्रियों ने दोहरा कराधान बचाव समझौते (डीटीएए) के लिए बातचीत शुरू करने को एक साझा समझ विकसित करने पर भी सहमति जताई।
अधिकारियों ने कहा कि इससे दोहरे कराधान को खत्म करने, कर निश्चितता बहाल करने और व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
अलजयानी रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। वह एक ऐसे वक्त में व्यापार, निवेश और रक्षा क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जब पश्चिम एशिया भू-राजनीतिक तनाव का सामना कर रहा है।
जयशंकर ने बैठक के दौरान अपने उद्घाटन भाषण में गाजा शांति योजना के लिए भारत के समर्थन को दोहराया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में संघर्ष का एक स्थायी समाधान निकलेगा।
जयशंकर और अलजयानी ने रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, वित्त प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
एक संयुक्त बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, मूल धातुओं और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने का संकल्प लिया।
बहरीन पश्चिम एशिया में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण देश है, और 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.64 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
इस खाड़ी देश में लगभग 3.32 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं, जो उस देश की कुल 15 लाख की आबादी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा हैं। भारत, बहरीन के शीर्ष पांच व्यापारिक साझेदारों में से एक है।
भाषा पाण्डेय अजय
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