नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) भारत ने अंतिम समझौते से पहले विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ई-कॉमर्स क्षेत्र के उपभोक्ता सुरक्षा और डिजिटल ढांचे से संबंधित दो पर्चे दाखिल किए हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
देश चाहता है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में कोई फैसला लेने या नियम बनाने से पहले डब्ल्यूटीओ के सदस्य इन सभी मुद्दों पर ‘गहराई’ से चर्चा करें।
वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन ने कहा कि ई-कॉमर्स क्षेत्र पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है और इसका विकासशील व गरीब देशों पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए इसपर डब्ल्यूटीओ में बहुपक्षीय व्यवस्था में चर्चा होनी चाहिए न सिर्फ कुछ देशों के एक समूह में।
वर्तमान में ई-कॉमर्स कानून का मसौदा बनाने के लिए 87 देशों, जिनमें ज्यादातर विकसित हैं, का एक समूह चर्चा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ये दो पर्चे चर्चा के लिए आधार तैयार करेंगे। हमने किसी कानून का प्रस्ताव नहीं दिया है।
जैन ने संवाददाताओं से कहा, “हम कह रहे हैं कि इन मुद्दों पर विस्तार से बहुपक्षीय चर्चाएं नहीं हुई हैं। इसलिए सभी सदस्यों को सबसे पहले इन मुद्दों पर चर्चा करनी है। हमें सबसे पहले गहराई से चर्चा करनी है।”
भारत में डब्ल्यूटीओ में उपभोक्ता सुरक्षा पर एक पर्चा पिछले साल दिसंबर में दाखिल किया था, जबकि डिजिटल अवसंरचना पर पर्चा शुक्रवार को दाखिल किया गया।
भाषा अनुराग अजय
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