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Tuesday, 24 March, 2026
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उत्पादन अनुमान के अनुरूप रहा, तो 10 लाख टन अतिरिक्त चीनी का निर्यात कर सकता है भारत

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नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) ब्राजील के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक देश भारत में अगर घरेलू उत्पादन इस साल अनुमानित 3.36 करोड़ टन तक पहुंच जाता है, तो वह 10 लाख टन अतिरिक्त चीनी का निर्यात कर सकता है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सरकार घरेलू उत्पादन का आकलन करने के बाद अधिक मात्रा में चीनी निर्यात की अनुमति देने के बारे में अगले महीने फैसला करेगी।

देश में चीनी की उपलब्धता संतोषजनक है और इसके चलते पिछले एक महीने में चीनी की थोक और खुदरा कीमतों में गिरावट आई है।

खाद्य मंत्रालय ने चालू विपणन वर्ष 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए 60 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है।

पिछले साल भारत ने रिकॉर्ड 1.1 करोड़ टन चीनी का निर्यात किया था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर इस साल कुल उत्पादन अनुमानित 3.36 करोड़ टन तक पहुंच जाता है तो अधिक निर्यात संभव है और हम अतिरिक्त 10 लाख टन का निर्यात कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि चालू विपणन वर्ष 2022-23 में फरवरी तक चीनी उत्पादन पहले ही 2.47 करोड़ टन तक पहुंच चुका है, जबकि मिलों ने इस साल अबतक निर्यात के लिए 43 लाख टन चीनी भेजी है।

उन्होंने कहा कि पेराई का काम अगले महीने समाप्त हो जाएगा और सरकार अंतिम उत्पादन आंकड़ों का आकलन करने के बाद निर्यात की समीक्षा करेगी।

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, शीर्ष तीन उत्पादक राज्यों में उत्पादन में गिरावट के कारण विपणन वर्ष 2022-23 के लिए देश का चीनी उत्पादन 3.36 करोड़ टन कम रहने का अनुमान लगाया गया है।

देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन विपणन वर्ष 2022-23 में कम होकर 1.2 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 1.37 करोड़ टन था।

उत्तर प्रदेश में उत्पादन भी पिछले साल के 1.02 करोड़ टन के मुकाबले मामूली रूप से घटकर एक करोड़ टन रहने की संभावना है, जबकि कर्नाटक में यह घटकर 55 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि तुलनात्मक अवधि के दौरान पहले यह 62 लाख टन रहा था।

इस वर्ष एथनॉल उत्पादन के लिए लगभग 50 लाख टन चीनी का उपयोग किया जाएगा, जो पिछले वर्ष के 36 लाख टन से बहुत अधिक है।

अधिकारी ने कहा कि कम चीनी उत्पादन के अनुमान के बावजूद, वर्ष 2022-23 में भारत की चीनी की कुल उपलब्धता 4.01 करोड़ टन की होगी, जिसमें 70 लाख टन का पहले का बचा (कैरी-ओवर) स्टॉक शामिल है।

अधिकारी ने कहा कि चीनी आपूर्ति की कोई चिंता नहीं है और पिछले एक महीने में थोक और खुदरा दोनों कीमतों में गिरावट आई है।

गन्ने बकाया की स्थिति के बारे में अधिकारी ने कहा कि चालू वर्ष सबसे अच्छे वर्षों में से एक रहा है क्योंकि मिलों ने अधिकतम बकाया चुका दिया है।

विपणन वर्ष 2021-22 के दौरान देय राशि 1,18,271 करोड़ रुपये में से केवल 432 करोड़ रुपये बकाया है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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