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Friday, 12 July, 2024
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टिम क्लार्क बोले- अगर टाटा एयर इंडिया को नहीं चला पाया, तो भारत में उसे कोई और नहीं चला सकता

क्लार्क ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एयर इंडिया के लिए सबसे अच्छी बात यह हो सकती थी कि टाटा इसे अपने हाथ में ले ले. इस कमरे में शायद मैं अकेला हूं, जिसने उस समय एयर इंडिया से उड़ान भरी थी, जब टाटा एयर इंडिया चला रही थी और यह उसके स्वामित्व में थी. यह एक अच्छी एयरलाइन थी.'

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दोहा : विमान सेवा देने वाली अमीरात के अध्यक्ष टिम क्लार्क ने कहा कि भारत में किसी एयरलाइन के लिए परिचालन करना आसान नहीं है और अगर टाटा समूह एयर इंडिया नहीं चला पाया, तो देश में कोई भी उसे नहीं चला सकता.

क्लार्क ने सोमवार को कहा, ‘एयर इंडिया को यूनाइटेड एयरलाइंस जितना बड़ा होना चाहिए. इसे अपने घरेलू बाजार के साथ ही विदेशों में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारत में होने वाली आर्थिक गतिविधियों के स्तर के कारण इतना बड़ा तो होना ही चाहिए। ये सोने की खान है.’

एयर इंडिया के बेड़े में फिलहाल लगभग 128 विमान हैं, जबकि शिकागो स्थित यूनाइटेड एयरलाइंस के पास 860 विमान हैं.

क्लार्क ने यहां इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की 78वीं वार्षिक आम बैठक के मौके पर कहा, ‘आप (भारत) के पास प्रवासी भारतीयों की एक अरब आबादी है, जो इतनी बड़ी है और हर समय बढ़ रही है कि एयर इंडिया को दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों में एक होना चाहिए.’

टाटा समूह ने पिछले साल आठ अक्टूबर को एयरलाइन के लिए सफलतापूर्वक बोली जीतने के बाद 27 जनवरी को घाटे में चल रही और कर्ज में डूबी एयर इंडिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया.

क्लार्क ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एयर इंडिया के लिए सबसे अच्छी बात यह हो सकती थी कि टाटा इसे अपने हाथ में ले ले. इस कमरे में शायद मैं अकेला हूं, जिसने उस समय एयर इंडिया से उड़ान भरी थी, जब टाटा एयर इंडिया चला रही थी और यह उसके स्वामित्व में थी. यह एक अच्छी एयरलाइन थी.’

उन्होंने कहा कि दशकों से एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय पटल पर छोटी इकाई बना हुआ है.

भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्री बाजार में अमीरात जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों का वर्चस्व है, जो यूएई के दो प्रमुख एयरलाइन में से एक है.

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.


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