नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान ज़िंक का राजस्थान में 1,700 करोड़ रुपये का उर्वरक संयंत्र अगले साल दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण मिश्रा ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह संयंत्र वर्तमान में आयात किए जा रहे डीएपी उर्वरक के उत्पादन और बिक्री के माध्यम से किसानों की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
‘एफटी लाइव एनर्जी ट्रांजिशन समिट इंडिया’ के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए, हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड के सीईओ मिश्रा ने कहा कि ‘उर्वरक संयंत्र अभी निर्माणाधीन है और हमें उम्मीद है कि यह दिसंबर, 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि पहले चरण में, अगले साल मार्च-अप्रैल तक एक फॉस्फोरिक एसिड संयंत्र स्थापित होने वाला है, और उसके बाद डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
डीएपी एक व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला फॉस्फोरस उर्वरक है, जो फॉस्फोरिक एसिड और अमोनिया से बनता है।
यह आगामी संयंत्र डीएपी और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम) उर्वरक का उत्पादन करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत हर साल बड़ी मात्रा में डीएपी का आयात करता है और कंपनी इसका उत्पादन करने की योजना बना रही है क्योंकि देश में इसके लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध है।
जस्ता की कीमतों के बारे में मिश्रा ने कहा कि दिसंबर तक इसकी कीमत 3,000 डॉलर प्रति टन तक पहुंचने की संभावना है, जो वर्तमान में 2,800 डॉलर प्रति टन है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को जस्ता बाजार में किसी भी तरह की गिरावट की उम्मीद नहीं है।
वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड का 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए एकीकृत शुद्ध लाभ 4.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,234 करोड़ रुपये रहा है।
कंपनी ने एक साल पहले इसी अवधि में 2,345 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
पहली तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व घटकर 7,591 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 7,893 करोड़ रुपये था।
भाषा अजय अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
