scorecardresearch
Friday, 27 February, 2026
होमदेशअर्थजगतखुशहाल किसान विकसित भारत की पहली प्राथमिकता: मुर्मू

खुशहाल किसान विकसित भारत की पहली प्राथमिकता: मुर्मू

Text Size:

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार के लिए खुशहाल किसान विकसित भारत की पहली प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखकर किसान सम्मान निधि के तहत कृषकों को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ उन फसलों का भी उत्पादन बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है जिसमें अभी तक हमारा कृषि क्षेत्र पीछे था।

मुर्मू ने संसद के बजट सत्र से पहले दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ कृषि का महत्व समझाते हुए संत तिरुवल्लुवर ने कहा था कि समाज के लोग चाहे जिस भी काम से जुड़े हों, हर व्यक्ति का जीवन एक मेहनती किसान के परिश्रम पर निर्भर होता है। इसीलिए, मेरी सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता के रूप में देखती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसी भावना के साथ सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजना को शुरू किया था। अब तक इस योजना से किसानों को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सरकार की सही नीतियों और प्रयासों से आज देश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न और बागवानी की फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।’’

मुर्मू ने कहा, ‘‘सरकार उन फसलों का भी उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही है, जिसमें अभी तक हमारा कृषि क्षेत्र पीछे था। इसके पीछे मकसद कृषि उत्पादों का आयात कम करना है।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘खाद्य तेल, तिलहन और दलहन से जुड़े राष्ट्रीय मिशन से इन क्षेत्रों में देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। इसके दम पर 2024-25 में देश में तिलहन फसलों का उत्पादन भी बढ़ा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ किसानों की अतिरिक्त आय के लिए सरकार द्वारा मोटा अनाज यानी श्रीअन्न को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का कार्य भी निरंतर जारी है।

मुर्मू ने कहा, ‘‘आज किसानों को अनाज उत्पादन के साथ ही पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन में भी आर्थिक प्रगति के रास्तों से जोड़ा जा रहा है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले मछुआरों को विशेष आर्थिक क्षेत्र का लाभ देने के लिए नई नीति बनाई गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इसके साथ ही मछुआरों को गहरे सागर की क्षमताओं का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाने के लिए भी नई नीति तैयार की गई है।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘2024-25 में देश का मत्स्य उत्पादन लगभग 200 लाख टन हो गया है। 2014 की तुलना में इसमें कुल 105 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए और बेहतर लॉजिस्टिक निर्माण को लेकर कृषि बुनियादी ढांचा कोष की व्यवस्था भी की है। मुझे ये साझा करते हुए खुशी हो रही है कि इसके जरिये अब तक 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित हुआ है।’’

मुर्मू ने कहा, ‘‘इससे युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी सृजित हुए हैं। सरकार की दूरदर्शिता से देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षमता 20 गुना बढ़ी है। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिल रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ये देखकर संतोष है कि आज देश के युवा, किसान, श्रमिक और उद्यमी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का लगातार विस्तार कर रहे हैं। बीते वर्ष के उत्साहवर्धक आंकड़े इसका प्रमाण हैं।

भारत ने पिछले वर्ष में रिकॉर्ड 35 करोड़ टन से अधिक खाद्यान्न का उत्पादन किया है। देश 15 करोड़ टन उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना है। ये समुद्री अर्थव्यवस्था में देश की सफलता को दिखाता है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी, भारत दुनिया के सबसे सफल देश के रूप में जाना जाता है। यह सहकारिता आंदोलन की मजबूती का परिणाम है।’’

भाषा रमण निहारिका

निहारिका

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments