scorecardresearch
Monday, 2 March, 2026
होमदेशअर्थजगतगुजरात का नीति-आधारित शासन मॉडल निवेश के लिए सबसे बेहतर: हर्ष संघवी

गुजरात का नीति-आधारित शासन मॉडल निवेश के लिए सबसे बेहतर: हर्ष संघवी

Text Size:

(बरुण झा)

दावोस, 21 जनवरी (भाषा) गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य के नीति-आधारित शासन मॉडल और मजबूत स्थिरता के कारण, गुजरात निवेश के लिए सबसे बेहतर स्थान है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से राज्य में डेटा पार्क, उन्नत विनिर्माण और रक्षा सुविधाएं स्थापित करने का आह्वान किया।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक से इतर यहां ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि धोलेरा स्मार्ट सिटी वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर के लिए एक आदर्श स्थान है जबकि गिफ्ट सिटी दुनिया भर की कंपनियों के लिए एक प्रमुख वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) केंद्र बन गई है।

संघवी ने उन ‘तथाकथित बुद्धिजीवियों’ पर कटाक्ष किया जिन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘गिफ्ट सिटी’ को देश का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र घोषित किए जाने को ‘दिवास्वप्न’ बताया था।

उन्होंने कहा कि वही लोग आज वहां ‘सेल्फी’ लेते नजर आते हैं।

सिंघवी ने कहा कि गुजरात अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सौभाग्यशाली रहा है क्योंकि उसने प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व बहुत पहले ही हासिल किया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व के कारण ही अब तक का सबसे मजबूत भारतीय प्रतिनिधिमंडल दावोस पहुंचा है जिसमें 10 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं और वह इस दल के युवा सदस्य होने पर गर्व महसूस करते हैं।

उन्होंने कहा कि गुजरात लंबे समय से नमक से लेकर विमान तक पूरे विनिर्माण क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाता आया है और दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य रहा है।

संघवी ने कहा कि गुजरात एक नीति-आधारित राज्य है जहां मजबूत स्थिरता, सुरक्षा, कुशल कार्यबल एवं पारदर्शी शासन व्यवस्था है जो मोदी के मुख्यमंत्री काल से लगातार बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि राज्य किसी भी निवेश समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने से पहले विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन करता है जिससे निवेश को तेजी से धरातल पर उतारने में मदद मिलती है और यह प्रणाली भी मोदी के कार्यकाल से लागू है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस में उनका ध्यान नई पीढ़ी के क्षेत्रों में अवसर तलाशने पर है और वह केवल एमओयू के पीछे नहीं भाग रहे हैं, क्योंकि निवेश अपने आप गुजरात की ओर आता है।

उन्होंने कहा कि वह राज्य की नीतियों को प्रदर्शित करना चाहते हैं और उन्नत विनिर्माण, नवोन्मेषी संयंत्रों और नवोन्मेषी वित्तीय प्रणालियों के लिए नए विचारों की तलाश कर रहे हैं।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments