नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) फिच सॉल्यूशंस कंपनी बीएमआई ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रस्तावित जीएसटी सुधार से आम आदमी की वस्तुओं पर कर की दरें कम होंगी, खपत बढ़ेगी और 50 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क के प्रभाव को खत्म किया जा सकेगा।
जीएसटी के लागू होने के बाद से देश की कुल कर राजस्व में जीएसटी की हिस्सेदारी आयकर के बाद दूसरे नंबर पर आ गई है।
वित्त वर्ष 2024-25 में जीएसटी से कुल राजस्व का करीब 30 प्रतिशत और जीडीपी का 2.5 प्रतिशत योगदान रहा है।
हालांकि बीएमआई का कहना है कि इन सुधारों का सरकार के खजाने पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा और यह असर सीमित ही रहेगा।
फिलहाल देश में वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी के चार स्लैब लागू हैं। ये दरें पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत हैं।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, इस ढांचे को सरल बनाकर ज़्यादातर वस्तुओं पर सिर्फ दो कर स्लैब (पांच प्रतिशत या 18 प्रतिशत) की दरें लगाई जाएंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद, इस सुधार पर चर्चा के लिए तीन और चार सितंबर को बैठक करेगी।
बीएमआई ने कहा, ‘यह जीएसटी सुधार अमेरिकी शुल्क से देश की वृद्धि दर पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को संतुलित कर सकता है।’
भाषा योगेश रमण
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