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Tuesday, 24 March, 2026
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कृषि आदानों, डेयरी उत्पादों पर जीएसटी कटौती, किसानों को ‘दिवाली का ‘बड़ा तोहफा’: उद्योग

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नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) कृषि और डेयरी क्षेत्र के उद्योग जगत के दिग्गजों ने बृहस्पतिवार को प्रमुख कृषि आदानों और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी दरों में कमी करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया और इसे बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रहे किसानों के लिए एक बड़ी राहत बताया।

जीएसटी परिषद द्वारा उर्वरकों, जैव कीटनाशकों, कृषि उपकरणों और डेयरी उत्पादों पर दरों में कटौती के कदम से किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ पौष्टिक भोजन उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती होने की उम्मीद है।

गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक सुनील कटारिया ने कहा कि उर्वरकों और जैव कीटनाशकों पर जीएसटी में कमी से किसानों को ऐसे समय में ‘बड़ी राहत’ मिलेगी जब कृषि फसलों पर अनियमित मौसम का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

कटारिया ने बयान में कहा, ‘‘औसत आदान लागत कुल खेती के खर्च का लगभग 30-40 प्रतिशत होती है, इन लागत को कम करने से गुणवत्तापूर्ण फसल सुरक्षा समाधानों की पहुंच बढ़ेगी, जिससे किसानों को उपज बढ़ाने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’

उन्होंने कहा कि डेयरी उत्पादों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत करने के फैसले से खरीद का सामर्थ्य बढ़ाने और खपत में सुधार होगा, जिससे देश में प्रोटीन की कमी दूर होगी और साथ ही डेयरी किसान परिवारों का उत्थान होगा।

सीएनएच इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नरिंदर मित्तल ने कृषि उपकरणों, कलपुर्जों और टायरों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत करने की सराहना करते हुए कहा कि इससे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य उपकरण अधिक किफायती बनकर मशीनीकरण में तेजी आएगी।

मित्तल ने कहा, ‘‘ये सुधार उद्योग जगत के लोगों को श्रम की कमी को दूर करने, किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देने में सक्षम बनाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि यह कदम आगे स्थानीयकरण और नवाचार के लिए सही माहौल प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि यह सुधार कटाई के मौसम से पहले विशेष रूप से समय पर किया गया है।

कंपाउंड लाइवस्टॉक फीड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएलएफएमए) की चेयरमैन दिव्य कुमार गुलाटी ने डेयरी उत्पादों पर जीएसटी में कमी को एक ‘‘प्रगतिशील कदम’’ बताया, जिससे भारत के आठ करोड़ डेयरी किसानों को लाभ होगा।

यूएचटी दूध के कर-मुक्त होने और गाढ़ा दूध, मक्खन, घी, पनीर और चीज़ जैसे उत्पादों पर कर 12 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत हो जाने से, इन सुधारों से ग्रामीण आय में वृद्धि और चारे व पशु देखभाल में अधिक निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने कहा कि इस कदम से विशेष रूप से मूल्य-संवेदनशील ग्रामीण और अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं को लाभ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अधिक मांग से किसानों को बेहतर आय स्थिरता और बेहतर पशु देखभाल व चारे में निवेश करने का आत्मविश्वास मिलेगा।’’

धानुका एग्रीटेक के मानद चेयरमैन आर जी अग्रवाल ने जीएसटी में कटौती को किसानों के लिए ‘‘दिवाली का बड़ा तोहफा’’ बताया। उन्होंने विशेष रूप से कृषि-ड्रोन, जिबरेलिक एसिड और जैव-कीटनाशकों, जिनमें ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस और नीम-आधारित उत्पाद शामिल हैं, पर कटौती की प्रशंसा की।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘यह किसानों को सुरक्षित जैविक विकल्पों की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और दीर्घकालिक कृषि प्रदर्शन में योगदान मिलेगा।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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