(प्रसून श्रीवास्तव)
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) सरकार वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों- लेजीपे और किश्त से प्रतिबंध हटाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन कंपनियों के ऐप को अपनी प्रमाणिकता साबित करने के लिये 48 घंटे का समय दिया था। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इन वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा चीजें साफ करने के बाद इनसे प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है।
सरकार ने पिछले सप्ताह चीन और अन्य देशों की इकाइयों के 232 ऐप को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था। दांव लगाने, जुआ और अनधिकृत तरीके से कर्ज सुविधा देने को लेकर ये प्रतिबंध लगाये गये थे।
सूत्रों ने बताया कि सरकार प्रतिबंधित वेबसाइट और ऐप की सूची में शामिल लेजीपे और किश्त से प्रतिबंध हटाएगी। इन ऐप ने सरकार के समक्ष अपनी स्थिति साफ कर दी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की।
उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के नोडल अधिकारी के दांव लगाने और जुए में शामिल 138 वेबसाइट और कर्ज देने वाले 94 ऐप पर आपातकालीन अनुरोध पर शनिवार को इन्हें प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया। ये धन शोधन में शामिल थे और देश की वित्तीय सुरक्षा के लिये खतरा थे।
जिन इकाइयों पर पाबंदी लगायी गई थी उनमें उनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां लेजीपे, इंडिया बुल्स होम लोन और किश्त शामिल थीं।
प्रतिबंधित सूची में शामिल वेबसाइट में बडीलोन डॉट कॉम, कैशटीएम डॉट इन, फेयरसेन्ट डॉट कॉम, ट्रु बैलेंस डॉट एन डॉट अपटॉउन डॉट कॉम और एम पॉकेट डॉट एन डॉट अपटाउन डॉट कॉम शामिल हैं।
भाषा अजय अजय अनुराग
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