नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कोल इंडिया को निर्देश दिया है कि वह अपने गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के साथ वेतन समझौते को जल्द से जल्द पूरा करे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी लंबित मुद्दों को सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह इस मुद्दे पर मजदूर संघों को हड़ताल पर नहीं जाने देंगे।
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के कुल कार्यबल में गैर-कार्यकारी कर्मचारियों का हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। उनके वेतन को हर पांच साल में संशोधित किया जाता है।
मजदूर संघ के एक नेता के अनुसार, श्रमिक वेतन में 28 प्रतिशत वृद्धि की मांग कर रहे हैं, जबकि कोल इंडिया ने 10.5 प्रतिशत वृद्धि की पेशकश की है।
जोशी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘आमतौर पर समझौता कोल इंडिया और मजदूर संघों के बीच होता है… मैंने प्रबंधन (कोल इंडिया) से कहा है कि उनके साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखें और उनके साथ बैठक कर इस मुद्दे को सुलझाएं। मैं चाहता हूं कि जो भी मुद्दे लंबित हैं, उन्हें सुलझाया जाना चाहिए।’’
मंत्री ने कहा कि पिछले पांच-छह महीनों से वेतन संशोधन पर कोल इंडिया प्रबंधन और मजदूर संघों के बीच बातचीत चल रही है और जल्द से जल्द समाधान पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि समझौता बहुत जल्द होगा… मैंने सीएमडी (कोल इंडिया) और अन्य निदेशकों (पीएसयू के) से उदार होने को कहा है और वे इस पर काम कर रहे हैं।’’
इस समझौते से सीआईएल के लगभग 2.39 लाख गैर-कार्यकारी कर्मचारियों को लाभ होगा और यह एक जुलाई 2021 से देय है।
भाषा पाण्डेय अजय
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