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Saturday, 10 January, 2026
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आईडीबीआई के निजीकरण के बाद किसी समाधान का विरोध नहीं करेगी सरकार

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नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) आईडीबीआई बैंक के नए मालिक के किसी प्रस्ताव पर सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी किसी तरह की अड़चन नहीं खड़ी करेंगे क्योंकि वे इसके भावी प्रवर्तकों को स्वतंत्रता देने के इच्छुक हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी की उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी की हिस्सेदारी की बिक्री के लिए इस महीने की शुरुआत में निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इस बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी और एलआईसी की 49.24 फीसदी है।

बैंक का मूल्यांकन 47,633 करोड़ रुपये है। मौजूदा मूल्य पर करीब 61 फीसदी की हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को 29,000 करोड़ रुपये हासिल होंगे।

एक अधिकारी ने बताया कि निजीकरण के बाद बैंक में सरकार और एलआईसी की हिस्सेदारी घटकर 34 फीसदी रह जाएगी। हालांकि नए प्रवर्तक द्वारा प्रस्तावित विशेष समाधान को रोकने की उनकी कोई मंशा नहीं है। यह कदम निवेशकों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तरह की चिंता की कोई बात नहीं है। हम 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और प्रबंधन नियंत्रण भी सौपेंगे। निवेशकों को यह स्पष्ट रहना चाहिए कि इस संस्थान का नियंत्रण अपने पास रखने में हमारी दिलचस्पी नहीं है और हम किसी समाधान का विरोध नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक के पात्र बोलीदाताओं को वित्तीय निविदाओं के स्तर पर इस बारे में आश्वासन दिया जाएगा।

भाषा

मानसी प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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