नागपुर, 20 जनवरी (भाषा) केंद्र सरकार देश में जैव प्रौद्योगिकी उत्पादों के शोध एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए शोध आधारित प्रोत्साहन योजना शुरू करेगी।
भारत के दवा महानियंत्रक डॉ वी जी सोमानी ने शुक्रवार को कहा कि उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की तर्ज पर यह कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
पीएलआई योजना का मकसद घरेलू इकाइयों में विनिर्मित उत्पादों को प्रोत्साहन देना है।
सोमानी ने नागपुर में 72वें भारतीय दवा कांग्रेस के पहले दिन यह बात कही। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में दवा उद्योग, शिक्षा और सामुदायिक फार्मेसी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इसमें भारत और विदेश के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
भारत की सर्वोच्च दवा नियामक एजेंसी केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएससीओ) के प्रमुख सोमानी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारतीय दवा क्षेत्र की उपलब्धियां समाज के लिए एक बड़ा वरदान थीं।
उन्होंने कहा, ”कोविड-19 की वैक्सीन, दवाएं और निदान विकसित करना कोई सामान्य चुनौती नहीं थी। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रोत्साहन के साथ भारतीय दवा उद्योग ने इस चुनौती को स्वीकार किया और वैक्सीन को सफलतापूर्वक विकसित किया। इसने न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी लाखों लोगों की जान बचाई।”
सोमानी ने कहा कि सरकार ने अनुसंधान में मदद करने और उपयुक्त परिवेश स्थापित करने के लिए कई पहल की हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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