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Tuesday, 28 April, 2026
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कैफे-3 मानकों पर सहमति बनाने के लिए हुई सरकार, वाहन उद्योग की बैठक: सूत्र

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नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) कॉरपोरेट औसत ईंधन दक्षता (कैफे-3) मानकों पर आम सहमति बनाने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों ने एक बैठक की। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस दौरान उद्योग के हितधारकों ने ताजा मसौदा प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति के संकेत दिए।

यह बैठक बिजली मंत्रालय के तहत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा बुलाई गई थी। इसमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, बिजली मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय के सचिवों के साथ ही मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) और वाहन उद्योग के हितधारकों ने भाग लिया।

बैठक का मकसद नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले उन पर हितधारकों, विशेष रूप से कार निर्माताओं के विचार जानना था।

मसौदा नियमों को लेकर वाहन निर्माताओं के बीच मतभेद उभर कर सामने आए थे। छोटी कार बनाने वाली कंपनियों का तर्क था कि वजन और खरीद क्षमता के आधार पर उन्हें कैफे-3 मानकों के तहत कुछ राहत दी जानी चाहिए। दूसरी ओर बड़े ओईएम ऐसा करने के खिलाफ थे। उनका कहना था कि इससे सुरक्षा मानकों से समझौता होगा।

मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा, ‘‘उद्योग ने कमोबेश ताजा नियमों के मसौदे को स्वीकार कर लिया है। सरकारी अधिकारियों ने वाहन विनिर्माताओं से कहा कि ताजा ईंधन दक्षता मानकों को तैयार करने का मकसद उन्हें दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक ईंधन-कुशल वाहनों की ओर ले जाना है।’’

एक सूत्र ने बताया कि वाहन कंपनियों को न केवल इलेक्ट्रिक वाहन, बल्कि हाइब्रिड, फ्लेक्स फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो-गैस सहित कई ईंधन विकल्पों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

वाहन विनिर्माताओं को नए ईंधन दक्षता नियमों के लिए तैयार रहने को कहा गया है, क्योंकि सरकार द्वारा अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले कैफे-3 मानकों के कार्यान्वयन को टालने की संभावना नहीं है। ये मानक 31 मार्च, 2032 तक प्रभावी रहेंगे।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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