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Friday, 10 April, 2026
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गोवा कृषि भूमि विधेयक धान के खेतों को गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए अधिग्रहण से बचाएगा: मुख्यमंत्री

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पणजी, पांच अप्रैल (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कृषि भूमि हस्तांतरण प्रतिबंध विधेयक का बचाव किया है और दावा किया है कि यह तटीय राज्य के धान के खेतों को गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए खरीदारों के कब्जे में जाने से बचाएगा।

यह कानून धान की खेती को बचाने और संरक्षित करने के लिए कृषि भूमि के हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास करता है।

विधेयक को गोवा विधानसभा में हाल ही में समाप्त हुए सत्र के अंतिम दिन 31 मार्च को पारित किया गया था। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसपर आपत्ति जताई थी।

विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विजय सरदेसाई और अन्य विधायकों ने दावा किया था कि सरकार विधेयक के माध्यम से राज्य में फार्महाउस संस्कृति को बढ़ावा देना चाहती है।

मंगलवार को पीटीआई-भाषा से बात करते हुए, मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि विपक्षी दलों ने भले ही भरोसा नहीं दिखाया हो, लेकिन गोवा के लोगों को सरकार पर भरोसा है।

सावंत ने कहा, ‘‘हमने गोवा के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए विधेयक का मसौदा तैयार किया है। यही कारण है कि गोवा कृषिभूमि किराया कानून (एग्रिकल्चर टेनेंसी एक्ट) के बाद धान के खेतों की सुरक्षा के लिए राज्य द्वारा पिछले 60 वर्षों में यह दूसरा ऐसा विधेयक लाया गया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिल्ली और अन्य राज्यों (गैर-गोवा) लोगों को गोवा में धान के खेतों को खरीदने और उन्हें (अचल संपत्ति उद्देश्य के लिए) परिवर्तित करने से रोकेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक स्पष्ट रूप से गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए धान के खेतों की बिक्री को प्रतिबंधित करता है।’’ उन्होंने कहा कि गैर-कृषक कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि खरीद सकते हैं, लेकिन उन्हें तीन साल के भीतर इसका उपयोग करना होगा अन्यथा इसे सरकार के द्वारा अधिग्रहीत कर लिया जाएगा।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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