(बरुण झा)
दावोस, 20 जनवरी (भाषा) भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र ‘गिफ्ट सिटी’ के प्रमुख संजय कौल ने कहा कि वैश्विक कंपनियां इसे भारतीय बाजारों तक पहुंच का माध्यम एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए आधार के रूप में देख रही हैं।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक से इतर ‘गिफ्ट सिटी’ के प्रबंध निदेशक एवं समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कौल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में देश का वैश्विक वित्तीय लेनदेन का केंद्र बनना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मजबूत वृहद और सूक्ष्म आर्थिक स्थिरता एवं स्थिर शासन व्यवस्था के साथ ‘गिफ्ट सिटी’ इसका जवाब है।’’
कौल ने कहा, ‘‘भारत को एक ऐसा मजबूत वित्तीय तंत्र चाहिए जहां भारत दुनिया से और दुनिया भारत से संवाद कर सके और ‘गिफ्ट सिटी’ इसी मकसद को पूरा करता है।’’
उन्होंने बताया कि कम समय में ही वैश्विक कंपनियों की ओर से ‘गिफ्ट सिटी’ में परिचालन शुरू करने को लेकर जबरदस्त रुचि देखने को मिल रही है।
कौल ने कहा, ‘‘ भारत का बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार, वैश्विक खिलाड़ियों को आकर्षित करता है और वे ‘गिफ्ट सिटी’ को वित्तीय लेनदेन के लिए भारत में प्रवेश का मार्ग मान रहे हैं। इसके साथ ही वे इसे एशिया-प्रशांत बाजारों तक पहुंच के आधार के रूप में भी देख रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दीर्घकाल में ‘गिफ्ट सिटी’ ऐसा केंद्र बनेगा जहां भारत के अधिकार क्षेत्र में रहते हुए वैश्विक वित्तीय लेनदेन होंगे और नियम दुनिया के अन्य वित्तीय सेवा केंद्रों के बराबर होंगे।’’
‘गिफ्ट सिटी’ क्या आया जाए, इस पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक और नीतिगत स्थिरता सभी को चाहिए और भारत यह प्रदान करता है। साथ ही, भारत की आर्थिक वृद्धि ऐसा आकर्षण है जिससे कोई भी वैश्विक खिलाड़ी खुद को अलग नहीं रखना चाहता।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
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