नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) ग्राहकों को सीधे सामान बेचने वाले उद्योग के निकाय इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (आईडीएसए) ने वित्त मंत्रालय से होटल एवं संबद्ध क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये देश के भीतर आयोजित कार्यक्रमों में नि:शुल्क भागीदारी और प्रायोजित यात्राओं को आयकर कानून की धारा 194आर के तहत स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) से छूट देने का आग्रह किया है।
उल्लेखानीय है कि सरकार ने 2022-23 के बजट में नई धारा 194आर जोड़ी है। एक जुलाई, 2022 से अमल में आये इस प्रावधान के तहत अगर कोई व्यक्ति (या कंपनी) कारोबार या पेशे से संबंधित किसी निवासी को कोई लाभ नकद या अन्य रूप में प्रदान करता है, तो उसे ऐसे लाभ के भुगतान से पहले, उसके मूल्य का 10 प्रतिशत स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) करनी होगी। टीडीएस की यह व्यवस्था किसी वित्त वर्ष के दौरान 20,000 रुपये से अधिक के लाभ पर ही लागू होगी।
आईडीएसए ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि इस प्रावधान से व्यावसायिक संस्थाओं की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं तथा कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। जबकि इन कार्यक्रमों या यात्राओं का मकसद अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना होता है।
स्वायत्त संस्थान ने 2023-24 के बजट से पहले यह सुझाव दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी।
बयान के अनुसार, नये प्रावधान से उन सभी कार्यक्रमों में जहां लोगों को मुफ्त में भागीदारी की सुविधा दी जाती है या जहां उनकी यात्राएं प्रायोजित की जाती हैं, अब टीडीएस के दायरे में आएंगे।
आईडीएसए ने कहा, ‘‘हालांकि, हम इस नए प्रावधान को लाने के पीछे की सोच की सराहना करते हैं, लेकिन इससे होटल और संबद्ध क्षेत्रों पर पड़ रहे प्रभाव पर गौर करने की जरूरत है।’’
बयान के अनुसार, कोविड- 19 महामारी से देश के होटल, रेस्तरां और संबंधित क्षेत्रों पर काफी प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार घरेलू कार्यक्रमों और यात्राओं को प्रोत्साहित करे। इससे घरेलू इकाइयों के लिये आय बढ़ने के साथ होटल क्षेत्र को तेजी से पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कार्यक्रमों और यात्राओं को इस धारा के अंतर्गत लाया गया है। इससे कंपनियों को देश के भीतर इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के लिये कोई प्रोत्साहन नहीं दिखता।
बयान में कहा गया है, ‘‘भारत के भीतर कार्यक्रम और यात्राओं को धारा 194आर के तहत टीडीएस से छूट दी जाती है, तो कंपनियां इसके आयोजन के लिये प्रोत्साहित होंगी। इससे घरेलू होटल क्षेत्र की आय बढ़ेगी और अंतत: क्षेत्र की तरफ से कर योगदान बढ़ेगा।’’
भाषा
रमण अजय
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