नागपुर, 15 दिसंबर (भाषा) दसाल्ट रिलायंस एयरोस्पेस के नागपुर स्थित संयंत्र में बनाए गए पांच पुर्जों को राफेल जेट में लगाने के लिए फ्रांस भेजा गया है।
मुंबई में फ्रांस के महावाणिज्यदूत जीन-मार्क सेरे-शार्लेट और दूतावास की क्षेत्रीय आर्थिक सेवा के एक प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर में मौजूद दो फ्रांसीसी कंपनियों दसाल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (डीआएएल) और एयर लिक्विड का दौरा किया।
अपनी यात्रा के दौरान सेरे-शार्लेट ने पीटीआई-भाषा से कहा कि इस यात्रा का मकसद व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और फ्रांसीसी भाषा शिक्षण के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा नागरिक समाज के कई अन्य क्षेत्रों में फ्रांस और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एजेंस फ्रैंकेइस डेवलपमेंट (एएफडी) पब्लिक डेवलपमेंट बैंक ने 20 साल के लिए वित्तपोषण में 13 करोड़ यूरो का योगदान दिया है।
डीआरएएल विनिर्माण संयंत्र में राफेल और फाल्कन 2000 के विनिर्माण के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में महावाणिज्यदूत ने कहा कि राफेल के पांच पुर्जे नागपुर संयंत्र में बनते हैं और फिर उन्हें राफेल जेट में लगाने के लिए फ्रांस भेजा जाता है। ये पुर्जे सभी राफेल जेट में लगाए जाते हैं, न कि सिर्फ भारत वाले जेट में।
भाषा पाण्डेय अजय
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