scorecardresearch
Monday, 9 March, 2026
होमदेशअर्थजगतखरीफ सत्र के लिए उर्वरक पर्याप्त, गैस आपूर्ति में रुकावट चिंता की बात: एफएआई

खरीफ सत्र के लिए उर्वरक पर्याप्त, गैस आपूर्ति में रुकावट चिंता की बात: एफएआई

Text Size:

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) भारतीय उर्वरक संघ (एफएआई) ने सोमवार को कहा कि भारत का उर्वरक भंडार आने वाले खरीफ सत्र की मांगों को पूरा करने के लिए काफी है, लेकिन गैस आपूर्ति में 40 प्रतिशत की कमी और पश्चिम एशिया में जारी संकट ने घरेलू यूरिया उत्पादन और आयात की लागत को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

एफएआई के महानिदेशक, चौधरी सुरेश कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘अभी, उर्वरक की तुरंत उपलब्धता ठीक लग रही है। आने वाले खरीफ मौसम की जरूरत को पूरा करने के लिए भंडार पर्याप्त होगा। हालांकि आयातित उर्वरक की आपूर्ति में कुछ कमी आने की उम्मीद है।’’

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छह मार्च तक उर्वरकों का कुल भंडार 177.31 लाख टन था, जो एक साल पहले के 129.85 लाख टन से 36.5 प्रतिशत अधिक है।

सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला उर्वरक यूरिया है और

कच्चे माल के तौर पर प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा निर्भर है। इसका भंडार 59.30 लाख टन था। डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) का स्टॉक 25.13 लाख टन, जबकि एनपीकेएस उर्वरक का भंडार 55.87 लाख टन तक था।

अभी भंडार ठीक-ठाक होने के बावजूद, कुमार ने गैस आपूर्ति को इस क्षेत्र की मुख्य चिंता बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी चिंता गैस आपूर्ति को लेकर है, जो 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। अगर युद्ध जारी रहता है, तो इसका असर रबी मौसम के लिए यूरिया के घरेलू उत्पादन पर पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा कि उद्योग को उम्मीद है कि सरकार उर्वरक क्षेत्र को गैस देने को प्राथमिकता देगी।

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कतर के उत्पादन रोकने की वजह से भारत को यूरिया उत्पादकों को एलएनजी आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक की कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

कई उत्पादक कंपनियां पहले से ही समायोजन कर रही हैं। वे एक संयंत्र बंद कर रही हैं जबकि दूसरों को चालू रख रही हैं ताकि गैस की कम उपलब्धता की दिक्कतों के बीच परिचालन को प्रबंधित कर सकें।

कुमार ने कहा, ‘‘उर्वरक कंपनियां सावधान हैं। एफएआई स्थिति पर नजर रख रहा है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार डीएपी, यूरिया और पानी में घुलने वाले उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने के लिए चीन समेत देशों के साथ बातचीत कर रही है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments