नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) दूरसंचार विभाग ने 77 से 81 गीगाहट्र्ज फ्रीक्वेंसी दायरे में काम करने वाली कम दूरी की वाहन रडार प्रणाली को स्पेक्ट्रम आवंटन नियम से छूट दी है। इसका वाहनों में अत्याधुनिक चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) में व्यापक रूप से उपयोग होता है। बुधवार को राजपत्र में प्रकाशित एक अधिसूचना में यह कहा गया।
इस कदम से देश में स्वचालित वाहनों के विकास की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
हालांकि, छूट के लिए जरूरी है कि रडार कुछ तकनीकी मानकों का पालन करें। इनमें गैर-हस्तक्षेप, गैर-सुरक्षा शामिल है और फ्रीक्वेंसी साझा की जाएगी। इसका अर्थ है कि यह उपयोगकर्ताओं के लिए कोई विशेष नहीं होगी।
अधिसूचना में कहा गया, ‘‘गैर-हस्तक्षेप, गैर-सुरक्षा और साझा आधार पर और तकनीकी मापदंडों का उपयोग करते हुए, 77 से 81 गीगाहट्र्ज फ्रीक्वेंसी बैंड में ‘शॉर्ट-रेंज वाहन रडार’ प्रणाली के उद्देश्य से किसी भी वायरलेस उपकरण की स्थापना, रखरखाव, संचालन, कब्जे या सौदे के लिए किसी भी व्यक्ति को फ्रीक्वेंसी आवंटन की आवश्यकता नहीं होगी…।’’
कई वाहन कंपनियां लेवल दो तक की प्रीमियम सुविधा के रूप में एडीएएस की पेशकश कर रही हैं।
एडीएएस का उच्च स्तर स्वचालित कार ‘ड्राइविंग’ को सपोर्ट करता है, जो वर्तमान में अमेरिका में परिचालन में है।
‘शार्ट रेंज’ वाहन रडार प्रणाली स्वचालित आपातकालीन ब्रेक, नियंत्रण, ‘ब्लाइंड-स्पॉट’ का पता लगाने आदि जैसी सुविधाओं के संचालन में मददगार है।
भाषा रमण अजय
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