(इमरान शाह)
मुंबई, 15 अक्टूबर (भाषा) अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एंटोनोल्डो नेवेस ने भारत में और अधिक हवाई अड्डों के निर्माण के मद्देनजर द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों को बढ़ाने की बुधवार को वकालत की।
उन्होंने साथ ही कहा कि यदि देश अतिरिक्त सेवाओं की अनुमति नहीं देगा तो एयरलाइन कंपनी अन्य गंतव्यों के लिए अधिक उड़ानों का परिचालन करेगी।
भारत, खाड़ी क्षेत्र की इस विमानन कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है।
नेवेस ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘ आज हमारी क्षेत्र में सबसे दुर्लभ संसाधन पायलट नहीं हैं। यह ‘मैकेनिक’ नहीं हैं। यह विमान हैं। अगर आज मेरे पास 10 विमान हैं.. तो मैं उन विमानों को उड़ाऊंगा ही। इसलिए जो वास्तव में दुर्लभ है वे विमान हैं। किसी के पास विमान नहीं हैं। अगले पांच वर्ष तक ऐसा ही रहने वाला है।’’
वैश्विक विमानन उद्योग आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। खासकर वैश्विक महामारी के बाद जिसके परिणामस्वरूप विमानों की आपूर्ति में देरी हो रही है, जबकि विमानन कंपनियां बढ़ती यात्री यातायात मांग को पूरा करने के लिए अपने बेड़े का विस्तार करने पर विचार कर रही हैं।
भारत ने विदेशी एयरलाइन कंपनियों खासकर खाड़ी देशों की विमानन कंपनियों के लिए द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों में वृद्धि नहीं की है क्योंकि घरेलू एयरलाइंस अपनी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति का विस्तार करना चाहती हैं।
खाड़ी देश की एयरलाइन कंपनियां भारत से आने-जाने वाले यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और अधिक उड़ान अधिकारों की मांग कर रही हैं।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नेवेस ने कहा कि द्विपक्षीय यातायात अधिकारों को दुर्लभ संसाधन नहीं कहा जा सकता और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह ‘‘बहुत भारत केंद्रित सोच’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह बाजार और अधिक विमानों को जगह दे सकता है। यह भारत को तय करना है कि उसे कब और विमान चाहिए। हमारे पास विमान होंगे। अगर आप इसे यहां नहीं रखना चाहते, तो मैं इसे कहीं और रख दूंगा। वे उड़ान भर सकते हैं। यह किसी बिजली संयंत्र जैसा नहीं है। इसके लिए बाजार तो है ही। अगर भारत नहीं, तो कहीं और।’’
नेवेस ने इसमें संतुलन होने की बात पर जोर दिया और कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र स्थान नहीं है जहां यातायात अधिकार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया में हर जगह, जर्मनी, कनाडा… हमारे पास यातायात अधिकार हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया के सभी देशों के लिए हमारे पास यातायात अधिकार हैं। कई देशों में ये ‘स्लॉट’ (समय व स्थान संबंधी) प्रतिबंध हैं। भारत के बारे में अच्छी बात यह है कि अब भारत में हवाई अड्डे हैं और इसीलिए मुझे लगता है कि इस पर चर्चा के लिए यह सही समय है।’’
भारत में 160 से अधिक हवाई अड्डे चालू हैं तथा निकट भविष्य में और भी हवाई अड्डे चालू होने वाले हैं।
नेवेस ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि भारतीय विमानन कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय यातायात वृद्धि में करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी रही जो कि अच्छी बात है। विश्व में यह आमतौर पर 50-50 प्रतिशत होता है, क्योंकि यह द्विपक्षीय है। (यह) 70 प्रतिशत एक स्पष्ट संकेत है कि भारतीय विमानन कंपनियां अंततः आगे बढ़ रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि भारत एतिहाद के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जहां देश की एएसके (एयरलाइन की यात्री वहन क्षमता) में उसकी करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
भाषा निहारिका अजय
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