नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश जनवरी में 14 प्रतिशत घटकर 24,028 करोड़ रुपये रह गया।
उद्योग निकाय एम्फी द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार लगातार दूसरा महीने इक्विटी निवेश में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर बाजार हालात और जारी भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा जिससे इक्विटी फंड में निवेश घटा।
इक्विटी निवेश में सुस्ती के बावजूद म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंध अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) जनवरी में बढ़कर 81.01 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जो दिसंबर में 80.23 लाख करोड़ रुपये थीं।
कुल मिलाकर, जनवरी में उद्योग में 1.56 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया जबकि दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। यह सुधार विभिन्न श्रेणियों के फंड में निवेश आने से संभव हुआ।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी फंड में निवेश दिसंबर के 28,054 करोड़ रुपये और नवंबर के 29,911 करोड़ रुपये से घटा, हालांकि यह अक्टूबर के 24,690 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
इक्विटी योजनाओं में ‘फ्लेक्सी-कैप’ फंड सबसे आगे रहे जिनमें 7,672 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। इसके बाद ‘मिड-कैप’ फंड में 3,185 करोड़ रुपये और ‘लार्ज व मिड-कैप’ फंड में 3,182 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
‘लार्ज-कैप’ फंड में 2,005 करोड़ रुपये और ‘स्मॉल-कैप’ फंड में 2,942 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया।
दूसरी ओर, कर बचत वाली इक्विटी योजनाओं (ईएलएसएस) में 593.69 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी देखी गई जो आंशिक मुनाफावसूली एवं कर समायोजन को दर्शाता है।
इस बीच, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में मांग तेज रही और इनमें निवेश दिसंबर के 11,647 करोड़ रुपये से बढ़कर जनवरी में 24,040 करोड़ रुपये हो गया।
ऋण म्यूचुअल फंड योजनाओं में भी सुधार दिखा और जनवरी में 74,827 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। दिसंबर में इनमें 1.32 लाख करोड़ रुपये की बड़ी निकासी हुई थी।
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