(मनोज राममोहन)
नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) अकासा एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कहा है कि उनकी एयरलाइन एक कर्मचारी-केंद्रित संगठन है, जहां उच्च सुरक्षा मानकों को लगातार बेहतर बनाने पर काम किया जाता है।
गौरतलब है कि अकासा एयर के कुछ पायलट कथित प्रशिक्षण और सुरक्षा मुद्दों के बारे में चिंता जता रहे हैं।
ढाई साल से भी कम समय में 26 विमानों के बेड़े का संचालन करने वाली इस एयरलाइन में लगभग 4,300 कर्मचारी हैं। इनमें लगभग 800 पायलट शामिल हैं।
दुबे ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘सुरक्षा अकासा की प्राथमिकता है, विश्वस्तरीय सुरक्षा… हम हमेशा ऐसे तरीकों पर विचार करते हैं, जिनसे हम खुद को बेहतर बना सकें। यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।’’
पिछले सप्ताह कुछ पायलटों ने अकासा एयर में कथित प्रशिक्षण और सुरक्षा मुद्दों के बारे में चिंता जताई थी। दूसरी ओर एयरलाइन ने उन्हें निराधार और गलत बताकर खारिज कर दिया था।
हाल ही में, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अकासा एयर को कुछ कमियों के लिए कम से कम दो कारण बताओ नोटिस जारी किए।
अकासा एयर के संस्थापक और सीईओ दुबे ने कहा कि एयरलाइन में कर्मचारियों की संतुष्टि का स्तर काफी ऊंचा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात पर लगातार विचार करते हैं कि संतुष्टि के ऊंचे स्तर को कैसे आगे बढ़ाया जाए… हमारे पायलट बेहद संतुष्ट हैं। हम यह सुनिश्चित करने के तरीके खोजते रहते हैं कि हम यहीं रुक न जाएं।’’
पांच अंतरराष्ट्रीय शहरों सहित 27 गंतव्यों के लिए उड़ान भरने वाली अकासा एयर की अक्टूबर में घरेलू बाजार हिस्सेदारी 4.5 प्रतिशत थी।
दुबे ने बताया कि एयरलाइन अब और पायलट को नियुक्त नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि संभावित विस्तार के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या में पायलट हैं।
दुबे ने कहा कि कर्मचारियों की संतुष्टि के स्तर का आकलन करने और उसे बेहतर बनाने के लिए एयरलाइन बहुत सारे डेटा और एनालिटिक्स का भी इस्तेमाल करती है।
भाषा पाण्डेय अजय
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