नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) देश में दिवाली के दिन बिजली की अधिकतम मांग या बिजली की सबसे ज़्यादा आपूर्ति इस बार पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम रही, जिससे त्योहार के दौरान आम रुझान में गिरावट देखने को मिली।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग घटकर 180.14 गीगावाट रह गई, जो पिछले साल 31 अक्टूबर, 2024 को दिवाली के दिन अधिकतम मांग 182.87 गीगावाट थी।
आमतौर पर, दिवाली पर घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा लाइट और अन्य उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण बिजली की खपत के साथ-साथ मांग भी बढ़ जाती है क्योंकि लोग अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों के हर कोने को सजाते हैं।
इस बार पूरे देश में त्योहार अलग-अलग मनाया गया, उत्तरी क्षेत्र के लोगों ने सोमवार को और पश्चिमी और अन्य हिस्सों के लोगों ने मंगलवार को त्योहार मनाया।
बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को देश की कुल बिजली खपत घटकर 396.5 करोड़ यूनिट रह गई, जबकि एक साल पहले इसी दिन 406.2 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई थी।
मंगलवार को अधिकतम बिजली की मांग 176.50 गीगावाट दर्ज की गई, जबकि खपत 3,862 करोड़ यूनिट रही।
इस साल गर्मी के मौसम में, मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि अधिकतम मांग 277 गीगावाट तक पहुंच जाएगी, जो पिछले साल मई में दर्ज 250 गीगावाट के सर्वकालिक उच्चस्तर से अधिक है।
हालांकि, इस गर्मी (अप्रैल से) में, जून में अधिकतम मांग केवल 242.77 गीगावाट तक पहुंच पाई, क्योंकि सामान्य से अधिक बारिश ने कुल तापमान को कम कर दिया, जिससे एयर-कंडीशनर और कूलर का उपयोग कम हुआ।
पिछले साल से पहले, बिजली की मांग सितंबर, 2023 में 243.27 गीगावाट के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुँच गई थी।
भाषा राजेश राजेश अजय
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