scorecardresearch
Saturday, 11 April, 2026
होमदेशअर्थजगतआर्थिक वृद्धि दर 2021-22 में 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान: बीओबी

आर्थिक वृद्धि दर 2021-22 में 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान: बीओबी

Text Size:

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती, बैंक कर्ज में तेजी और जीएसटी संग्रह बढ़ने के साथ देश की आर्थिक वृद्धि दर मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में 9.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वर्ष बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।

इससे पिछले वित्त में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

सरकार के अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रहने की संभावना है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 31 मई को जीडीपी वृद्धि के आंकड़े जारी करेगा।

बीओबी के आर्थिक अनुसंधान विभाग ने जीडीपी को लेकर अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) में आर्थिक वृद्धि दर ऊंची रहने का अनुमान है। इसका कारण विभिन्न राज्यों में कोविड संक्रमण के मामलों में कमी के साथ अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों का खुलना और आवाजाही बढ़ना है।

इसमें कहा गया है कि संपर्क से जुड़े क्षेत्रों में मजबूत पुनरुद्धार की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र में जरूरी तेजी देखने को मिलेगी। इसके अलावा यात्रा और होटल के साथ निर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहने का अनुमान है।

बीओबी के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, हालांकि कृषि वृद्धि सरकार के 3.5 प्रतिशत के अनुमान के मुकाबले 3.3 प्रतिशत रह सकती है। इसका कारण गेहूं की उपज का कम होना, रूस-यूक्रेन युद्ध तथा गर्मी का बढ़ना है।

रिपोर्ट के अनुसार, इसका असर औद्योगिक वृद्धि पर भी पड़ सकता है।

बीओबी ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में 7.3 प्रतिशत की गिरावट के बाद देश की आर्थिक वृद्धि दर 2021-22 में बेहतर रहने की संभावना है।

रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती, बैंक कर्ज में तेजी और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) संग्रह बढ़ने के साथ देश की आर्थिक वृद्धि दर मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

इसमें कहा गया है कि हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध, जिंसों के दाम में तेजी और आने वाले समय में वैóश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति में तेजी से अर्थव्यवस्था के समक्ष जोखिम है।

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments